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2 पत्रुस 3
17
यौ प्रिय मित्र सभ, अहाँ सभ एहि बात सभ केँ पहिनहि सँ जनैत छी। एहि लेल सावधान रहू। कहीं अधर्मी मनुष्‍य सभक बहकावा मे आबि कऽ अहाँ सभ अपन सुरक्षित स्‍थान सँ डगमगा कऽ खसि ने पड़ी।
Maithili Bible 2010