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2 पत्रुस 3
14
एहि लेल, यौ प्रिय मित्र सभ, जखन अहाँ सभ एहि बात सभक प्रतीक्षा कऽ रहल छी, तँ एहन कोशिश करू जे ओहि दिन अहाँ सभ प्रभुक दृष्‍टि मे निर्दोष आ निष्‍कलंक ठहरी आ हुनका संग मेल-मिलाप सँ रही।
Maithili Bible 2010