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2 पत्रुस 3
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प्रिय मित्र सभ, हम अहाँ सभ केँ आब ई दोसर पत्र लिखि रहल छी। हम दूनू पत्र मे किछु बात सभक स्‍मरण दिअबैत अहाँ सभक मोन केँ जागरूक करऽ चाहलहुँ, जाहि सँ अहाँ सभ एहि बात सभक बारे मे ठीक प्रकार सँ सोची।
Maithili Bible 2010