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एक साल में बाइबल
सितंबर 20

2 कोरिन्‍थी 11:16-33
16. हम फेर कहैत छी जे, केओ हमरा मूर्ख नहि बुझय। मुदा, जँ अहाँ सभ हमरा एना बुझैत छी तँ हमरा मूर्खे बुझि कऽ स्‍वीकार करू जाहि सँ हमहूँ कनेक अपन बड़ाइ कऽ सकी।
17. हम एखन जे कहि रहल छी से प्रभुक स्‍वभावक अनुरूप नहि, बल्‍कि मूर्ख जकाँ निःसंकोच भऽ कऽ अपन बड़ाइ कऽ रहल छी।
18. जखन अनेक लोक सांसारिक भावना सँ अपन बड़ाइ करैत अछि तँ हमहूँ अपन बड़ाइ किएक ने करी?
19. अहाँ सभ एहन बुद्धिमान छी जे आनन्‍दपूर्बक मूर्ख सभक व्‍यवहार सहि लैत छी!
20. हँ, जखन केओ अहाँ सभ केँ गुलाम बना लैत अछि, अहाँ सभक धन-सम्‍पत्ति हड़पि लैत अछि, अहाँ सभ केँ ठकि लैत अछि, अहाँ सभ लग धाख जमबैत अछि वा अहाँ सभक मुँह पर थप्‍पड़ मारैत अछि तँ अहाँ सभ ओहन लोक सभक व्‍यवहार सहि लैत छी।
21. हम लाजक संग स्‍वीकार करैत छी जे अहाँ सभक संग एहि प्रकारक व्‍यवहार करबाक साहस हमरा सभ केँ नहि भेल! जाहि बात सभक विषय मे ओ सभ अपन बड़ाइ करबाक साहस करैत अछि, ताहि विषय मे हमरो अपन बड़ाइ करबाक साहस अछि—हम मूर्ख जकाँ बजैत छी।
22. की ओ सभ इब्रानी अछि? हमहूँ छी। की ओ सभ इस्राएली अछि? हमहूँ छी। की ओ सभ अब्राहमक वंशज अछि? हमहूँ छी।
23. की ओ सभ मसीहक सेवक अछि? हम पागल जकाँ बजैत छी!—हम ओकरा सभ सँ बढ़ि कऽ छी। हम ओकरा सभ सँ अधिक परिश्रम कयने छी, हम ओकरा सभ सँ बेसी बेर जहल मे पड़लहुँ, नहि जानि हम कतेक बेर पिटल गेलहुँ। कतेको बेर मरैत-मरैत बचलहुँ।
24. यहूदी सभ हमरा पाँच बेर एक-कम-चालिस कोड़ा लगबौलक।
25. हम तीन बेर बेंतक मारि सहलहुँ। एक बेर हमरा मारि देबाक लेल हमरा पर पथरबाहि कयल गेल। तीन बेर एना भेल जे, जाहि पानि जहाज पर हम यात्रा कऽ रहल छलहुँ से ध्‍वस्‍त भऽ गेल। एक बेर दिन-राति भरि हम समुद्र मे बहैत रहलहुँ।
26. हमरा बारम्‍बार यात्रा करऽ पड़ल, जाहि मे नदी सभक खतरा, डाकू सभक खतरा, सजाति यहूदी सभ सँ खतरा, आन जातिक लोक सभ सँ खतरा, नगर सभक खतरा, निर्जन प्रदेश सभक खतरा, समुद्रक खतरा आ झुट्ठा भाइ सभ सँ खतरा अबैत रहल।
27. हम खटि-खटि कऽ कठोर परिश्रम कयलहुँ आ बहुतो राति जागि कऽ बितौलहुँ। हमरा कतेको बेर भोजन नहि भेटल आ भूखल-पियासल रहलहुँ। वस्‍त्रक अभाव मे जाड़ सहैत रहलहुँ।
28. और एहि सभ बातक अलावे, सभ मण्‍डलीक चिन्‍ताक भार सेहो सभ दिन हमरा पर रहैत अछि।
29. जखन केओ दुर्बल अछि तँ की हम दुर्बलताक अनुभव नहि करैत छी? जखन केओ पाप मे फँसाओल जाइत अछि तँ की हमरा हृदय मे आगि नहि धधकैत अछि?
30. जँ हमरा अपन बड़ाइ करहे पड़ैत अछि तँ हम अपन दुर्बलता प्रगट करऽ वला बात सभक विषय मे बड़ाइ करब।
31. प्रभु यीशुक पिता आ परमेश्‍वर, जे सदा-सर्वदा धन्‍य छथि, जनैत छथि जे हम झूठ नहि बाजि रहल छी।
32. जखन हम दमिश्‍क नगर मे छलहुँ तँ राजा अरितासक राज्‍यपाल नगर पर पहरा बैसा कऽ हमरा पकड़ऽ चाहलक।
33. मुदा हमरा टोकरी मे बैसा कऽ नगरक छहरदेवालीक खिड़की बाटे नीचाँ उतारि देल गेल आ एहि तरहेँ हम ओकरा हाथ मे अबैत-अबैत बाँचि गेलहुँ।