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एक साल में बाइबल
सितंबर 19

2 कोरिन्‍थी 11:1-15
1. हम चाहैत छी जे अहाँ सभ हमर कनेक मूर्खता सहि लितहुँ, मुदा वास्‍तव मे अहाँ सभ तँ सहिओ रहल छी।
2. अहाँ सभक लेल हमरा मोन मे तेहन जरनि भरल अछि जेहन परमेश्‍वरक जरनि होइत अछि। किएक तँ हम अहाँ सभक विवाह एकमात्र वर, अर्थात्‌ मसीहक संग, ठीक कयने छी आ हम अहाँ सभ केँ पवित्र कुमारि जकाँ हुनका अर्पण करऽ चाहैत छी।
3. मुदा हमरा डर होइत अछि जे जहिना साँप हव्‍वा केँ अपन कपट सँ बहका देलक तहिना अहाँ सभ मे मसीहक प्रति जे निष्‍कपट आ शुद्ध भक्‍ति अछि, ताहि सँ अहाँ सभक मोन बहका ने देल जाय।
4. किएक तँ जखन केओ अहाँ सभ लग कोनो एहन यीशुक प्रचार करऽ अबैत अछि जे हमरा सभक द्वारा प्रचारित यीशु सँ भिन्‍न अछि, वा जँ अहाँ सभ केँ कोनो ओहन आत्‍मा अथवा सुसमाचार भेटैत अछि जे अहाँ सभक द्वारा पहिने स्‍वीकार कयल गेल पवित्र आत्‍मा आ सुसमाचार सँ भिन्‍न अछि तँ अहाँ सभ आराम सँ ओकरा सहि लैत छी।
5. हम अपना केँ ओहि “महा मसीह-दूत सभ” सँ कनेको कम नहि बुझैत छी।
6. सम्‍भव अछि जे हम भाषण देबऽ मे निपुण नहि होइ, तैयो हमरा मे ज्ञानक अभाव नहि अछि। एहि बात केँ हम सभ हर प्रकारेँ सभ बात मे अहाँ सभक सम्‍मुख स्‍पष्‍ट कऽ देने छी।
7. अहाँ सभ केँ ऊपर उठयबाक लेल हम अपना केँ छोट बना लेलहुँ आ बिनु किछु लेनहि अहाँ सभक बीच परमेश्‍वरक सुसमाचारक प्रचार कयलहुँ, से की हम गलती कयलहुँ?
8. ई कहल जा सकैत जे हम दोसर मण्‍डली सभ सँ पारिश्रमिक लऽ कऽ अहाँ सभक सेवा करबाक लेल हुनका सभ केँ “लुटलहुँ”।
9. जहिया हम अहाँ सभक ओतऽ छलहुँ तँ अभाव मे रहला पर सेहो हम अहाँ सभक लेल भार नहि बनलहुँ, किएक तँ मकिदुनिया प्रदेश सँ आयल भाय सभ हमर आवश्‍यकता सभक पूर्ति कऽ देलनि। हम अपना केँ कोनो तरहेँ अहाँ सभ पर भार नहि बनऽ देलहुँ आ ने कहियो बनऽ देब।
10. जँ मसीहक सत्‍यता हमरा मे अछि तँ अखाया प्रदेश भरि मे केओ हमरा एहन गर्व करबाक हक सँ वंचित नहि करत।
11. एना किएक? की एहि लेल जे हम अहाँ सभ सँ प्रेम नहि करैत छी? परमेश्‍वर जनैत छथि जे हम अहाँ सभ सँ प्रेम करैत छी!
12. हम जे करैत आबि रहल छी सैह करैत रहब जाहि सँ अपन बड़ाइ करऽ वला ओहि “महा मसीह-दूत सभ” केँ एहि बात पर गर्व करबाक मौका नहि भेटैक जे ओ सभ प्रचारक काज मे हमरा सभक बराबरि अछि।
13. किएक तँ एहन लोक झुट्ठा मसीह-दूत अछि जे अपना काज द्वारा धोखा दैत अछि आ मसीहक दूत होमऽ सनक रूप मात्र धारण करैत अछि।
14. ई कोनो आश्‍चर्यक बात नहि अछि, किएक तँ शैतान स्‍वयं चमकैत स्‍वर्गदूतक रूप धारण कऽ लैत अछि।
15. तेँ जँ ओकर सेवक सभ सेहो धार्मिकताक सेवकक रूप धारण करैत अछि तँ एहि मे कोनो आश्‍चर्य नहि, मुदा जेहने ओकरा सभक काज अछि, तेहने ओकरा सभक अन्‍त होयतैक।