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एक साल में बाइबल
जुलाई 28

मसीह-दूत 27:27-44
27. चौदहम राति मे जखन आद्रिया सागर मे एम्‍हर-ओम्‍हर भटकि रहल छलहुँ तँ करीब दुपहर राति कऽ नाविक सभ केँ बुझयलैक जे कोनो कछेरक लग मे आबि गेल छी।
28. ओ सभ जखन थाह लेलक तँ ओतऽ अस्‍सी हाथ गहिंराइ छलैक। कनेक कालक बाद फेर थाह लेलक तँ साठि हाथ भेटलैक।
29. एहि डरेँ जे कहीं पाथर सभ मे ने टकरा जाइ ओ सभ जहाजक पछिलका भाग सँ चारिटा लंगर समुद्र मे खसा देलक आ भोर होयबाक प्रतीक्षा करऽ लागल।
30. नाविक सभ केँ जहाज पर सँ भागि जयबाक विचार छलैक, तेँ जहाजक अगिला भाग सँ लंगर खसयबाक बहाना सँ ओ सभ छोटका नाव समुद्र मे उतारने छल।
31. मुदा पौलुस सेनाक कप्‍तान और सैनिक सभ केँ कहलथिन, “ई सभ जँ जहाज पर नहि रहत तँ अहूँ सभ नहि बाँचब।”
32. तेँ सैनिक सभ रस्‍सी सभ काटि कऽ ओहि छोटका नाव केँ समुद्र मे दहा देलक।
33. जखन भोर होमऽ-होमऽ पर छल तँ पौलुस सभ केँ भोजन करबाक लेल आग्रह कयलथिन। ओ कहलथिन, “आइ चौदह दिन भऽ गेल जे अहाँ सभ चिन्‍ताक कारणेँ भूखले छी, किछु नहि खयलहुँ हँ।
34. आब हम अहाँ सभ सँ विनती करैत छी, किछु खा लिअ! नहि तँ बाँचब कोना? अहाँ सभ मे सँ ककरो कोनो तरहक हानि नहि होयत।”
35. एतबा कहि ओ रोटी लेलनि आ सभक सामने मे परमेश्‍वर केँ धन्‍यवाद दऽ कऽ रोटी तोड़ि खाय लगलाह।
36. एहि सँ सभ केँ साहस भेटलैक आ ओहो सभ भोजन करऽ लागल।
37. जहाज पर सभ मिला कऽ हम सभ 276 गोटे छलहुँ।
38. भरि इच्‍छा भोजन कयलाक बाद ओ सभ जहाज परक भार हल्‍लुक करबाक लेल गहुम केँ समुद्र मे फेकि देलक।
39. भोर भेला पर ओ सभ ओहि लगक जगह केँ नहि चिन्‍हि सकल, मुदा ओकरा सभक दृष्‍टि कछेर परक एक लम्‍बा-चौड़ा बालु वला भाग पर पड़लैक, और ओ सभ निर्णय कयलक जे जँ सम्‍भव होअय तँ जहाज केँ ओही भाग मे लगाओल जाय।
40. ओ सभ लंगरक रस्‍सी सभ काटि कऽ लंगर सभ केँ समुद्र मे छोड़ि देलक, आ संगहि पतवारक बन्‍हन ढील कऽ देलक। तखन जहाजक अगिला भागक पाल हवाक सम्‍मुख चढ़ा कऽ कछेर दिस आगाँ बढ़ल।
41. मुदा जहाज पानि मेहक बलुआह भाग मे टकरा कऽ फँसि गेल। जहाजक अगिला भाग तेना धँसि गेल जे टस्‍स सँ मस्‍स नहि होइत छल, आ पछिलका भाग बड़का लहरि सभ सँ टकरा-टकरा कऽ टुकड़ा-टुकड़ा भऽ रहल छल।
42. सैनिक सभक विचार छलैक जे कैदी सभ केँ जान सँ मारि दी जाहि सँ केओ हेलि कऽ भागि नहि सकय।
43. मुदा सेनाक कप्‍तान केँ पौलुसक जान बचयबाक इच्‍छा छलनि, तेँ ओ ओकरा सभ केँ एना करऽ सँ रोकि देलथिन। ओ आज्ञा देलनि जे जकरा सभ केँ हेलऽ अबैत होइक से सभ पहिने पानि मे कुदय और हेलि कऽ कछेर पर चल जाय,
44. आ बाँकी लोक काठक पटरा वा जहाजक कोनो टुटल टुकड़ाक सहारा लऽ कऽ पाछाँ सँ जाय। एना कऽ कऽ सभ केओ ओहि भूमि पर सकुशल पहुँचि गेलहुँ।