A A A A A
एक साल में बाइबल
जून 4

यूहन्‍ना 13:21-38
21. ई बात कहि कऽ यीशु अपना आत्‍मा मे बहुत व्‍याकुल होमऽ लगलाह, और ओ खुलि कऽ कहलथिन, “हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी जे अहाँ सभ मे सँ एक गोटे हमरा पकड़बा देब।”
22. शिष्‍य सभ एकदम नहि बुझि कऽ जे ओ ककरा बारे मे बाजि रहल छथि, एक-दोसराक दिस ताकऽ लगलाह।
23. हुनका सभ मे सँ एकटा, जाहि शिष्‍य सँ यीशु प्रेम करैत छलाह, से हुनका छाती सँ ओंगठि कऽ पड़ल छलनि।
24. सिमोन पत्रुस ओहि शिष्‍य केँ संकेत कऽ कऽ कहलथिन, “हुनका सँ पुछिऔन जे ककरा बारे मे कहि रहल छथि।”
25. ओ यीशु पर ओंगठि कऽ पुछलथिन, “प्रभु, ओ के अछि?”
26. यीशु उत्तर देलथिन, “ओ वैह अछि जकरा हम रोटीक टुकड़ा बट्टा मे बोड़ि कऽ देबैक।” तखन ओ रोटीक टुकड़ा बोड़ि कऽ सिमोन इस्‍करियोतीक बेटा यहूदा केँ देलथिन।
27. यहूदा केँ रोटीक टुकड़ा लितहि, शैतान ओकरा मे पैसि गेलैक। तखन यीशु ओकरा कहलथिन, “जे काज तोँ करऽ पर छह, से जल्‍दी करह!”
28. मुदा भोजन पर बैसल व्‍यक्‍ति सभ मे सँ केओ नहि बुझलनि जे यीशु किएक ओकरा ई बात कहलथिन।
29. किछु गोटे सोचलनि जे यहूदा लग पाइक बटुआ रहला सँ हुनकर कहबाक तात्‍पर्य छलनि जे, जे किछु पाबनिक लेल हमरा सभ केँ आवश्‍यक अछि से किनह, वा ई जे गरीब सभ मे किछु बाँटि दहक।
30. यहूदा रोटीक टुकड़ा लेलाक बाद तुरत बाहर चल गेल, ओ रातुक समय छल।
31. जखन यहूदा बाहर चल गेल, तखन यीशु बजलाह, “आब मनुष्‍य-पुत्रक महिमा प्रगट होयतैक, और ओकरा मे परमेश्‍वरक महिमा प्रगट होयतनि।
32. जँ ओकरा मे परमेश्‍वरक महिमा प्रगट होयतनि, तँ परमेश्‍वर सेहो अपना मे ओकर महिमा प्रगट करताह, और बहुत जल्‍दी करताह।
33. “यौ हमर बौआ सभ! कनेके काल आओर हम अहाँ सभक संग छी। अहाँ सभ हमरा ताकब, और जेना हम यहूदी सभ केँ कहलियनि, तेना अहूँ सभ केँ कहैत छी जे, जतऽ हम जा रहल छी ततऽ अहाँ सभ नहि आबि सकैत छी।
34. एक नव आज्ञा हम अहाँ सभ केँ दैत छी—एक-दोसर सँ प्रेम करू। जेना हम अहाँ सभ सँ प्रेम कयने छी तेना अहूँ सभ एक-दोसर सँ प्रेम करू।
35. एहि सँ सभ लोक जानत जे अहाँ सभ हमर शिष्‍य छी, अर्थात्‌ अहाँ सभ जँ एक-दोसर सँ प्रेम करब, ताहि सँ।”
36. सिमोन पत्रुस हुनका सँ पुछलथिन, “प्रभु, अहाँ कतऽ जा रहल छी?” यीशु बजलाह, “हम जतऽ जा रहल छी, ततऽ अहाँ एखन हमरा पाछाँ-पाछाँ नहि आबि सकब, लेकिन बाद मे अहाँ हमरा पाछाँ आयब।”
37. पत्रुस कहलथिन, “प्रभु, हम अहाँक पाछाँ-पाछाँ एखन किएक नहि आबि सकैत छी? हम अहाँक लेल अपन प्राणो देब!”
38. यीशु बजलाह, “की अहाँ वास्‍तव मे हमरा लेल अपन प्राण देब? हम अहाँ केँ सत्‍य कहैत छी जे, मुर्गा केँ बाजऽ सँ पहिनहि, अहाँ तीन बेर हमरा अस्‍वीकार कऽ कऽ लोक केँ कहबैक जे, हम ओकरा चिन्‍हबो नहि करैत छिऐक।”