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एक साल में बाइबल
जून 22

मसीह-दूत 5:22-42
22. मुदा सिपाही सभ जखन ओतऽ पहुँचल तँ मसीह-दूत सभ जहल मे नहि छलाह। ओ सभ घूमि कऽ आबि गेल आ ई खबरि महासभाक सदस्‍य सभ केँ देलकनि जे,
23. “हम सभ ओहि जहलक द्वारि मे सुरक्षित तरीका सँ ताला लागल देखलहुँ आ पहरेदार सभ सेहो चौकस भऽ द्वारि पर ठाढ़ छल मुदा ताला खोलि कऽ भीतर गेला पर देखलहुँ जे केओ नहि अछि।”
24. ई बात सुनला पर मन्‍दिरक सिपाहीक कप्‍तान आ मुख्‍यपुरोहित सभ सोच मे पड़ि गेलाह जे ई की भेल?
25. एतबे मे केओ आबि कऽ कहलकनि जे, “सुनैत छी, जकरा सभ केँ अपने लोकनि जहल मे बन्‍द कयने छलहुँ से सभ एखन मन्‍दिर मे ठाढ़ भऽ कऽ लोक सभ केँ शिक्षा दऽ रहल अछि।”
26. तखन मन्‍दिरक सिपाहीक कप्‍तान किछु सिपाही सभ केँ लऽ कऽ मन्‍दिर मे गेलाह आ हुनका सभ केँ लऽ अयलथिन, मुदा जबरदस्‍ती नहि, कारण हुनका सभ केँ डर छलनि जे लोक सभ कतौ पथरबाहि कऽ कऽ हमरा सभ केँ मारि नहि देअय।
27. ओ सभ मसीह-दूत सभ केँ आनि कऽ महासभा मे ठाढ़ कऽ देलथिन। तकरबाद महापुरोहित हुनका सभ सँ पुछलथिन,
28. “की हम सभ तोरा सभ केँ ई आज्ञा नहि देने छलिऔक जे तोँ सभ एहि नाम सँ शिक्षा देनाइ बन्‍द करै, लेकिन तोँ सभ सम्‍पूर्ण यरूशलेम केँ अपन शिक्षा सँ भरि देलेँ और ओहि आदमीक खूनक दोषी हमरा सभ केँ बनाबऽ चाहैत छेँ।”
29. एहि पर पत्रुस और आन मसीह-दूत सभ उत्तर देलथिन, “हमरा सभ केँ मनुष्‍यक आज्ञा सँ बढ़ि कऽ परमेश्‍वरेक आज्ञा केँ मानबाक अछि।
30. जाहि यीशु केँ अहाँ सभ क्रूस पर चढ़ा कऽ मारि देलियनि, तिनका अपना सभक पूर्वजक परमेश्‍वर जिआ देलथिन।
31. हुनका परमेश्‍वर प्रभु आ उद्धारकर्ताक ऊँच पद दऽ कऽ अपन दहिना कात बैसौलथिन, जाहि सँ ओ इस्राएलक लोक केँ पश्‍चात्ताप आ हृदय-परिवर्तन करबाक वरदान देथि आ पापक क्षमा प्रदान करथि।
32. एहि बात सभक गवाह हम सभ छी और पवित्र आत्‍मा सेहो छथि, जे आत्‍मा परमेश्‍वर अपन आज्ञाक पालन कयनिहार सभ केँ देने छथिन।”
33. ई सुनि कऽ महासभाक सदस्‍य सभ तिलमिला उठलाह आ हुनका सभ केँ जान सँ मारि देबऽ चाहलनि।
34. मुदा फरिसी पंथक गमालिएल नामक एक आदमी जे धर्म-नियमक आचार्य छलाह आ सभक नजरि मे प्रतिष्‍ठित लोक छलाह से सभा मे ठाढ़ भऽ आज्ञा देलथिन जे, एकरा सभ केँ किछु कालक लेल बाहर कऽ दिऔक।
35. तकरबाद ओ महासभाक सदस्‍य सभ केँ कहऽ लगलाह, “इस्राएली भाइ लोकनि, एहि लोकक संग जे किछु अहाँ सभ करऽ वला छी से सोचि-विचारि कऽ करू।
36. कारण, किछु समय पहिने थियूदास नामक आदमी अपने प्रशंसा मे बहुत तरहक बात कहैत छल आ करीब चारि सय लोक ओकर बात सुनि कऽ ओकरा पाछाँ-पाछाँ चलऽ लागल मुदा ओकरा मारल गेलाक बाद ओकर चेला सभ जहाँ-तहाँ छिड़िया गेल और ओकर सभ बात समाप्‍त भऽ गेलैक।
37. तकरबाद जनगणनाक समय मे गलील वासी यहूदा बहुत लोक केँ चढ़ा-बढ़ा कऽ एक क्रान्‍ति शुरू कयलक, मुदा ओहो मारल गेल आ ओकरो पाछाँ चलऽ वला लोक सभ छिड़िया गेल।
38. तेँ एकरा सभक सम्‍बन्‍ध मे हमर कथन यैह अछि जे, एकरा सभ केँ किछु नहि कयल जाय, बल्‍कि छोड़ि देल जाय। जँ एकर सभक ई विचार आ काज मनुष्‍यक प्रेरणा सँ भऽ रहल अछि तँ अपने सँ समाप्‍त भऽ जायत।
39. मुदा जँ परमेश्‍वरक प्रेरणा सँ अछि तँ अहाँ सभ एकरा सभ केँ नहि रोकि सकब, बल्‍कि एना कयला पर अहीं सभ अपने परमेश्‍वर सँ लड़निहार बनि जायब।”
40. महासभाक सदस्‍य लोकनि गमालिएलक सल्‍लाह स्‍वीकार कऽ लेलनि। ओ सभ मसीह-दूत सभ केँ भीतर बजबा कऽ बेंत सँ पिटबौलथिन आ ई आज्ञा दऽ कऽ छोड़ि देलथिन जे यीशुक नाम लऽ कऽ किछु नहि बाज।
41. मसीह-दूत सभ एहि बातक लेल आनन्‍द मनबैत महासभा सँ बहरयलाह जे परमेश्‍वर हमरा सभ केँ एहि जोगरक बुझलनि जे हम सभ यीशुक नामक कारणेँ अपमानित होइ।
42. ओ सभ प्रत्‍येक दिन मन्‍दिर मे आ लोक सभक घर-घर मे जा कऽ शिक्षा दैते रहलाह और एहि शुभ समाचारक प्रचार करिते रहलाह जे यीशु उद्धारकर्ता-मसीह छथि।