A A A A A
एक साल में बाइबल
जून 2

यूहन्‍ना 12:27-50
27. “आब हमर आत्‍मा अति व्‍याकुल भऽ गेल अछि। हम की कहू?—ई जे, ‘यौ पिता, एहि घड़ी सँ हमरा बचाउ!’? नहि! हम तँ एही लेल एहि घड़ी तक आयल छी!
28. यौ पिता, अपन नामक महिमा केँ प्रगट करू!” एहि पर स्‍वर्ग सँ ई आवाज सुनाइ देलक जे, “हम ओकरा प्रगट कयने छी और फेर प्रगट करब।”
29. लग मे ठाढ़ भेल भीड़ ई सुनलक और कहलक, “मेघ बाजल।” दोसर लोक कहलक, “हुनका सँ स्‍वर्गदूत बजलनि।”
30. यीशु बजलाह, “ई आवाज हमरा लेल नहि, अहीं सभक लेल भेल।
31. आब एहि संसारक न्‍यायक समय आबि गेल अछि, आब एहि संसारक शासक केँ पराजित कऽ देल जयतैक।
32. मुदा हम जखन पृथ्‍वीक उपर लटकाओल जायब तँ हम अपना लग सभ लोक केँ खीचि लेब।”
33. ओ ई कहि कऽ संकेत कऽ देलथिन जे हुनकर मृत्‍यु कोन तरहक होयतनि।
34. एहि पर भीड़क लोक बाजल, “हम सभ धर्म-नियम सँ सिखने छी जे उद्धारकर्ता-मसीह अनन्‍त काल तक रहताह। तँ अहाँ कोना कहैत छी जे मनुष्‍य-पुत्रक ऊपर लटकाओल जयनाइ आवश्‍यक अछि? की मनुष्‍य-पुत्र आ उद्धारकर्ता-मसीह दूनू एके नहि छथि?”
35. यीशु ओकरा सभ केँ कहलनि, “इजोत कनेके काल आओर अहाँ सभक बीच मे अछि। जा धरि इजोत अछि ता धरि चलिते रहू, नहि तँ अन्‍हार अहाँ सभ केँ लपकि लेत। जे अन्‍हार मे चलैत अछि, से नहि जनैत अछि जे ओ कतऽ जा रहल अछि।
36. जा धरि इजोत अहाँ सभक संग अछि, इजोत पर विश्‍वास राखू, जाहि सँ इजोतक सन्‍तान बनब।” यीशु ई सभ बात कहि कऽ चल गेलाह और ओकरा सभ सँ नुका रहलाह।
37. ओकरा सभक समक्ष मे एतेक चमत्‍कारपूर्ण चिन्‍ह देखौलाक बादो, ओ सभ यीशु पर विश्‍वास नहि करैत छल।
38. ई एहि लेल भेल जे परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता यशायाहक ई कथन पूरा होअय जे, “यौ प्रभु, हमरा सभ द्वारा सुनाओल गेल उपदेशक बात पर के विश्‍वास कयने अछि? और प्रभुक बल ककरा पर प्रगट भेल छैक?”
39. तेँ ओ सभ विश्‍वास नहि कऽ सकल, कारण, जेना यशायाह दोसर ठाम कहैत छथि,
40. “प्रभु ओकरा सभक आँखि आन्‍हर कऽ देने छथिन, और ओकरा सभक मोन कठोर कऽ देने छथिन, जाहि सँ ओ सभ ने आँखि सँ देखय, ने मोन सँ बुझय, आ ने हमरा दिस घूमि कऽ आबय कि हम ओकरा सभ केँ स्‍वस्‍थ कऽ दिऐक।”
41. यशायाह ई बात कहलनि किएक तँ ओ यीशुक महिमा देखलनि और हुनका बारे मे बजलाह।
42. ई बात होइतो यहूदी सभक अधिकारी सभ मे सँ सेहो बहुत गोटे हुनका पर विश्‍वास कयलनि, मुदा फरिसी सभक कारणेँ ओ सभ अपना विश्‍वास केँ खुलि कऽ स्‍वीकार नहि कयलनि, एहि डरेँ जे सभाघर सँ बारि देल जाएब,
43. कारण ओ सभ परमेश्‍वरक प्रशंसा सँ मनुष्‍यक प्रशंसा प्रिय बुझैत छलाह।
44. तखन यीशु जोर सँ कहलनि, “जे केओ हमरा पर विश्‍वास करैत अछि, से हमरे पर नहि, बल्‍कि हमरा जे पठौलनि, तिनको पर विश्‍वास करैत अछि।
45. और जे हमरा देखैत अछि, से तिनका देखैत छनि जे हमरा पठौलनि।
46. हम इजोत भऽ कऽ संसार मे आयल छी जाहि सँ जे केओ हमरा पर विश्‍वास करत से अन्‍हार मे नहि रहय।
47. “हमर वचन जँ केओ सुनैत अछि, लेकिन मानैत नहि अछि, तँ हम ओकर न्‍याय नहि करैत छी, कारण हम संसारक न्‍याय करबाक लेल नहि अयलहुँ, बल्‍कि ओकरा बचयबाक लेल।
48. जे हमरा अस्‍वीकार करैत अछि और हमर वचन ग्रहण नहि करैत अछि, तकर न्‍याय करऽ वला एक अछि—जे वचन हम कहने छी, वैह अन्‍तिम दिन मे ओकर न्‍याय करतैक।
49. कारण हम अपना दिस सँ नहि बजलहुँ, बल्‍कि जे पिता हमरा पठौलनि सैह हमरा आदेश देलनि जे हम की कही और कोना बाजी।
50. और हम जनैत छी जे हुनकर आदेश अनन्‍त जीवन अछि। तेँ हम जे किछु बजैत छी, से वैह अछि जे ओ हमरा बजबाक लेल कहने छथि।”