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एक साल में बाइबल
जून 17

मसीह-दूत 2:22-47
22. “इस्राएली भाइ लोकनि, हमर बात सुनू। परमेश्‍वर नासरत-निवासी यीशु द्वारा अहाँ सभक बीच मे बहुत आश्‍चर्यजनक काज आ चमत्‍कारपूर्ण चिन्‍ह देखौलनि, जे अहाँ सभ केँ बुझले अछि। ओ एहि काज आ चिन्‍ह सभक द्वारा एहि बात केँ प्रमाणित कयलनि जे हुनका ओ अपने पठौने छथि।
23. ओ परमेश्‍वरक निश्‍चित योजना आ पूर्वज्ञानक अनुसार अहाँ सभक जिम्‍मा मे देल गेलाह और अहाँ सभ हुनका अधर्मी सभक हाथेँ क्रूस पर चढ़बा कऽ मारि देलियनि।
24. मुदा परमेश्‍वर हुनका मृत्‍युक कष्‍ट सँ मुक्‍त कऽ कऽ फेर जीवित कऽ देलथिन, कारण ई असम्‍भव छल जे मृत्‍यु अपना वश मे हुनका रखितनि।
25. जेना दाऊद हुनका विषय मे कहलनि, ‘हम देखलहुँ जे प्रभु सदिखन हमरा सामने छथि, ओ हमर दहिन छथि, तेँ हम डगमगायब नहि।
26. एहि कारणेँ हम खुशी मोन सँ अहाँक स्‍तुति गबैत छी, हम अपन शरीरक लेल सेहो अहाँ पर भरोसा रखैत छी,
27. कारण, अहाँ हमरा मरले नहि छोड़ब और ने अपन पवित्र सेवक केँ सड़ऽ देब।
28. अहाँ हमरा जीवनक बाट देखौने छी; अहाँक संगति मे हम आनन्‍द सँ गद्‌गद्‌ होयब।’
29. “भाइ लोकनि, हम अहाँ सभ केँ खुलि कऽ कहि सकैत छी जे अपना सभक कुल-पिता दाऊद मरलाह आ गाड़ल गेलाह और हुनकर कबर एखनो कायम अछि।
30. मुदा ओ परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता छलाह और ओ जनैत छलाह जे परमेश्‍वर सपत खा कऽ हुनका वचन देने छथिन जे, हम तोरा वंश मे सँ एक आदमी केँ तोरा सिंहासन पर बैसयबह।
31. तेँ जखन ओ कहलनि जे हमरा मरले नहि छोड़ल जायत आ ने हमर शरीर सड़त तँ से ओ उद्धारकर्ता-मसीहक जीबि उठनाइक सम्‍बन्‍ध मे कहलनि, किएक तँ परमेश्‍वर हुनका पहिने सँ ओ बात देखौने छलथिन।
32. एही यीशु केँ परमेश्‍वर जिआ देलथिन तकर हम सभ केओ साक्षी छी।
33. हुनका परमेश्‍वरक दहिना कातक सर्वोच्‍च पद देल गेलनि, और जहिना पिता हुनका वचन देने छलथिन, तहिना ओ हुनका सँ पवित्र आत्‍मा प्राप्‍त कयलनि। और अहाँ सभ आइ जे बात देखि आ सुनि रहल छी, से एकर परिणाम अछि जे ओ हमरा सभ केँ वैह पवित्र आत्‍मा देने छथि।
34. दाऊद तँ स्‍वर्ग पर नहि उठाओल गेलाह, तैयो ओ बजलाह, ‘प्रभु-परमेश्‍वर हमर प्रभु केँ कहलथिन, अहाँ हमर दहिना कात बैसू,
35. और हम अहाँक शत्रु सभ केँ अहाँक पयरक तर मे कऽ देब।’
36. “तेँ समस्‍त इस्राएली लोक ई निश्‍चय जानि लेअय जे एही यीशु केँ जिनका अहाँ सभ क्रूस पर चढ़ा कऽ मारि देलियनि, परमेश्‍वर तिनके प्रभु और उद्धारकर्ता-मसीह ठहरा देलथिन।”
37. सुनऽ वला लोक सभक मोन मे ई बात गड़ि गेलैक, और ओ सभ पत्रुस और आन मसीह-दूत सभ सँ पुछलकनि, “यौ भाइ लोकनि, हम सभ आब की करू?”
38. पत्रुस उत्तर देलथिन, “अहाँ सभ गोटे अपना पापक लेल पश्‍चात्ताप कऽ कऽ हृदय-परिवर्तन करू और यीशु मसीहक नाम सँ बपतिस्‍मा लिअ, जाहि सँ परमेश्‍वर अहाँ सभक पाप केँ क्षमा करथि आ अहाँ सभ केँ पवित्र आत्‍मा प्रदान करथि।
39. कारण, परमेश्‍वर जे वचन देलनि, से अहाँ सभक लेल और अहाँ सभक सन्‍तानक लेल अछि, और तकरो सभक लेल जे दूर-दूर रहैत अछि; हँ, तकरा सभ गोटेक लेल जकरा सभ केँ अपना सभक प्रभु-परमेश्‍वर अपना लग बजौथिन।”
40. पत्रुस आरो बहुत बात द्वारा ओकरा सभ केँ बुझौलथिन आ चेतावनी दैत आग्रह कयलथिन जे, “अहाँ सभ एहि भ्रष्‍ट पीढ़ी पर आबऽ वला दण्‍ड सँ बँचू!”
41. जे सभ हुनकर बात स्‍वीकार कयलक, से सभ बपतिस्‍मा लेलक। ओहि दिन करीब तीन हजार लोक विश्‍वासी सभक समूह मे सम्‍मिलित भऽ गेल।
42. ओ सभ मसीह-दूत सभक शिक्षा मे, सत्‍संग मे, “प्रभु-भोज” मे आ प्रार्थना मे तल्‍लीन रहऽ लागल।
43. मसीह-दूत सभक द्वारा बहुत चमत्‍कारपूर्ण काज आ चिन्‍ह सभ देखाओल जाइत छल जकरा देखि सभ लोक आश्‍चर्य आ भय सँ भरि जाइत छल।
44. सभ विश्‍वासी मिलि-जुलि कऽ रहैत छलाह, और सभ धन-सम्‍पत्ति केँ सझिआ बुझैत छलाह।
45. ओ सभ अपन घर-जमीन वा धन-सम्‍पत्ति बेचि कऽ जिनका जेहन आवश्‍यकता होइत छलनि, ताहि अनुसार अपना मे बाँटि लैत छलाह।
46. हरेक दिन ओ सभ मन्‍दिर मे जमा होइत छलाह, घर-घर मे “प्रभु-भोज” ग्रहण करैत छलाह, और खुशी आ विनम्र मोन सँ एक संग भोजन करैत छलाह।
47. ओ सभ परमेश्‍वरक स्‍तुति करैत रहलाह और सभ लोक हुनका सभ सँ प्रसन्‍न छलनि। प्रभु प्रति दिन आरो-आरो लोक सभ केँ जे सभ उद्धार पबैत छलाह तिनका सभ केँ विश्‍वासी सभक समूह मे सम्‍मिलित करैत जाइत छलाह।