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एक साल में बाइबल
मई 1

लूका 21:1-19
1. यीशु नजरि उठा कऽ देखलनि जे धनिक सभ मन्‍दिरक दान-पात्र मे अपन दान चढ़ा रहल अछि।
2. एकटा गरीब विधवा केँ सेहो तामक दूटा पाइ दान-पात्र मे दैत देखलनि।
3. ई देखि ओ बजलाह, “हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी जे, ई गरीब विधवा ओहि सभ आदमी सँ बेसी चढ़ौलक।
4. ओ सभ तँ अपना फाजिल धन मे सँ दान चढ़ौलक, मुदा ई अपन गरीबी मे सँ अपन पूरा जीविके चढ़ा देलक।”
5. किछु शिष्‍य सभ मन्‍दिरक बारे मे बाजि रहल छलाह जे कतेक नीक सँ सुन्‍दर-सुन्‍दर पाथर और परमेश्‍वर केँ अर्पित कयल वस्‍तु सभ सँ बनाओल अछि। एहि पर यीशु कहलथिन,
6. “ई सभ वस्‍तु जे एतऽ देखैत छी—तेहन समय आओत जहिया एतऽ एकोटा पाथर एक-दोसर पर नहि रहत। सभ ढाहल जायत।”
7. ओ सभ हुनका सँ पुछलथिन, “गुरुजी, ई घटना कहिया होयत? और कोन चिन्‍ह होयतैक जाहि सँ बुझि सकी जे ई बात सभ आब होयत?”
8. ओ उत्तर देलथिन, “होसियार रहू जाहि सँ बहकाओल नहि जायब। कारण, बहुतो लोक हमर नाम लऽ कऽ आओत आ कहत जे, ‘हम वैह छी,’ आ ‘समय लगचिआ गेल अछि।’ ओकरा सभक पाछाँ नहि जाउ!
9. जखन अनेक लड़ाइ और अन्‍दोलनक खबरि सुनब, तँ भयभीत नहि होउ। ई सभ तँ पहिने होयब आवश्‍यक अछि, मुदा संसारक अन्‍त तुरत नहि होयत।”
10. आगाँ ओ कहलथिन, “एक देश दोसर देश सँ लड़ाइ करत, और एक राज्‍य दोसर राज्‍य सँ।
11. बड़का-बड़का भूकम्‍‍प होयत, विभिन्‍न ठाम अकाल पड़त और अनेक स्‍थान मे महामारी होयत। आकाश मे भयंकर घटना सभ होयत और आश्‍चर्यजनक चिन्‍ह सभ देखाइ देत।
12. “मुदा एहि सभ बात सँ पहिने हमरा कारणेँ लोक सभ अहाँ सभ केँ पकड़ि कऽ अहाँ सभ पर अत्‍याचार करत। अहाँ सभ केँ सभाघर सभ मे सौंपि देत, जहल मे बन्‍द कऽ देत, और राजा आ राज्‍यपाल सभक समक्ष लऽ जायत।
13. ई बात सभ अहाँ सभक लेल गवाही देबाक अवसर होयत।
14. मुदा अहाँ सभ अपना मोन मे ई निश्‍चय कऽ लिअ जे हमरा पर लगाओल अभियोगक उत्तर मे हम की बाजू तकर चिन्‍ता पहिने सँ हम नहि करब।
15. कारण, अहाँ सभ केँ बजबाक लेल हम तेहन शब्‍द और बुद्धि देब जे कोनो विरोधी ने तकरा सामने मे टिकि सकत आ ने तकरा काटि सकत।
16. माय-बाबू, भाय, कुटुम्‍ब-परिवार और साथी-संगी सभ अहाँ सभक संग विश्‍वासघात कऽ कऽ पकड़बाओत, और अहाँ सभ मे सँ कतेको केँ मारिओ देत।
17. अहाँ सभ सँ सभ केओ एहि लेल घृणा करत जे अहाँ सभ हमर लोक छी।
18. मुदा अहाँ सभक माथक एकटा केशो नहि टुटत।
19. विश्‍वास मे दृढ़ रहला सँ अहाँ सभ जीवन प्राप्‍त करब।