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एक साल में बाइबल
अप्रैल 28

लूका 19:28-48
28. ई सभ बात कहि कऽ यीशु यरूशलेम दिस आगाँ बढ़ैत गेलाह।
29. जखन ओ ओहि पहाड़ पर जे “जैतून पहाड़” कहबैत अछि, ताहि परक बेतफगे और बेतनिया गाम सभ लग पहुँचलाह, तँ ओ दूटा शिष्‍य केँ ई कहि कऽ पठौलथिन जे,
30. “सामने मे जे गाम अछि, ताहि मे जाउ। जखने गाम मे प्रवेश करब, तखन गदहीक एक बच्‍चा बान्‍हल भेटत, जाहि पर केओ कहियो नहि चढ़ल अछि। ओकरा खोलि कऽ आनू।
31. केओ जँ पुछत जे, ‘एकरा किएक खोलैत छी?’ तँ कहबैक जे, ‘प्रभु केँ एकर आवश्‍यकता छनि।’ ”
32. शिष्‍य सभ ओतऽ गेलाह, और जहिना यीशु कहने छलथिन, ठीक ओहिना हुनका सभ केँ भेटलनि।
33. ओ सभ जखन गदहीक बच्‍चा खोलैत छलाह तँ ओकर मालिक सभ पुछऽ लगलनि जे, “अहाँ सभ ई गदहा किएक खोलि रहल छी?”
34. ओ सभ उत्तर देलथिन, “प्रभु केँ एकर आवश्‍यकता छनि।”
35. ओ सभ ओकरा यीशु लग अनलनि, और ओकरा पीठ पर अपन कपड़ा राखि कऽ हुनका बैसा देलथिन।
36. ओ जहिना-जहिना आगाँ बढ़ैत जाइत छलाह, लोक सभ तहिना-तहिना सड़क पर अपन कपड़ा ओछौने जाइत छलनि।
37. जखन ओ यरूशलेमक लग ताहिठाम पहुँचलाह जतऽ जैतून पहाड़ पर सँ सड़क नीचाँ मुँहें ढलान अछि, तँ शिष्‍यक विशाल भीड़ बहुत आनन्‍दित भऽ कऽ ओहि चमत्‍कार सभक लेल जे ओ सभ देखने छल, तकरा लेल जोर-जोर सँ एहि तरहेँ परमेश्‍वरक स्‍तुति-प्रशंसा करऽ लागल जे,
38. “धन्‍य छथि ओ राजा जे प्रभुक नाम सँ अबैत छथि! स्‍वर्ग मे शान्‍ति, सर्वोच्‍च स्‍वर्ग मे प्रभुक जयजयकार!”
39. एहि पर भीड़ मेहक किछु फरिसी यीशु केँ कहलथिन, “गुरुजी, अपना शिष्‍य सभ केँ चुप होयबाक लेल कहिऔक!”
40. यीशु उत्तर देलथिन, “हम अहाँ सभ केँ कहैत छी जे, ई सभ जँ चुप भऽ जायत तँ पाथरे सभ आवाज देबऽ लागत।”
41. यीशु यरूशलेम शहर लग जखन पहुँचलाह तँ शहर केँ देखि कऽ कानऽ लगलाह।
42. ओ कनैत-कनैत बजलाह, “तोँ, हँ तोँही, जँ आजुक दिन जनितह जे कोन बात सभ सँ शान्‍ति अबैत अछि...! मुदा से नहि! ई सभ बात तोरा देखाइ नहि दऽ रहल छह।
43. हँ, तोरा पर तेहन समय औतह जहिया तोहर शत्रु सभ तोरा चारू कात मोर्चा बान्‍हि कऽ घेरि लेतह, तोरा पर चारू कात सँ आक्रमण करतह।
44. ओ सभ तोरा और तोरा बालक सभ केँ माटि मे मिला देतह, और एको पाथर दोसर पाथर पर टिकल नहि रहतह, कारण, परमेश्‍वर जाहि समय मे तोरा ओहिठाम अयलथुन, ताहि समय केँ तोँ नहि चिन्‍हलह।”
45. यीशु मन्‍दिर मे गेलाह और बेचऽ वला सभ केँ ई कहि कऽ ओतऽ सँ भगाबऽ लगलाह जे,
46. “धर्मशास्‍त्रक लेख अछि, ‘हमर घर प्रार्थनाक घर होयत,’ मुदा तोँ सभ एकरा ‘चोर-डाकूक अड्डा’ बना देने छह।”
47. यीशु मन्‍दिर मे सभ दिन उपदेश दैत छलाह। मुख्‍यपुरोहित और धर्मशिक्षक सभ, और यहूदी सभक नेता सभ हुनका जान सँ मारि देबाक प्रयत्‍न कऽ रहल छलाह,
48. मुदा किछु कऽ नहि सकलाह, एहि लेल जे सम्‍पूर्ण जनता हुनकर बात सभ ध्‍यानपूर्बक सुनैत रहैत छल।