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एक साल में बाइबल
अप्रैल 24

लूका 17:20-37
20. फरिसी सभक ई पुछला पर जे परमेश्‍वरक राज्‍य कहिया आओत, यीशु उत्तर देलथिन, “परमेश्‍वरक राज्‍य ओहि तरहेँ नहि अबैत अछि जे आँखि सँ देखल जा सकय।
21. केओ कहऽ वला नहि होयत जे, ‘देखू, एतऽ अछि,’ वा ‘ओतऽ अछि,’ कारण, परमेश्‍वरक राज्‍य अहाँ सभक बीच मे अछि ।”
22. तखन ओ अपना शिष्‍य सभ केँ कहलथिन, “ओ समय आबि रहल अछि जखन अहाँ सभ केँ मनुष्‍य-पुत्रक युगक एको दिन देखबाक लेल बड़का इच्‍छा होयत, मुदा देखि नहि सकब।
23. लोक अहाँ सभ केँ कहत जे, ‘ओतऽ छथि!’ वा ‘एतऽ छथि।’ मुदा नहि जाउ! ओकरा सभक पाछाँ नहि दौड़ू!
24. कारण, मनुष्‍य-पुत्रक दिन जखन औतनि, तँ ओ बिजलोका जकाँ होयताह, जे चमकि कऽ आकाश केँ एक कात सँ दोसर कात तक इजोत कऽ दैत अछि।
25. मुदा ओहि सँ पहिने ई आवश्‍यक अछि जे ओ बहुत दुःख भोगथि और एहि पीढ़ीक लोक द्वारा अस्‍वीकार कयल जाथि।
26. “जहिना नूहक समय मे भेल, तहिना मनुष्‍य-पुत्रक अयबाक समय मे सेहो होयत।
27. जाहि दिन नूह जहाज मे चढ़ि गेलाह, ताहि दिन धरि लोक सभ खाय-पिबऽ मे और विवाह करऽ-कराबऽ मे मस्‍त रहल आ तखन जल-प्रलय भेल और सभ केओ नष्‍ट भऽ गेल।
28. “तहिना लूतक समय मे सेहो भेल। लोक सभ खाइत-पिबैत रहल, चीज-वस्‍तु बेचैत-किनैत रहल, बीया बाउग करैत रहल आ घर बनबैत रहल।
29. मुदा जाहि दिन लूत सदोम नगर सँ बहरयलाह, ताही दिन आकाश सँ आगि और गन्‍धकक वर्षा भेल और सभ केओ नष्‍ट भऽ गेल।
30. “जाहि दिन मनुष्‍य-पुत्र फेर प्रगट होयताह, ताहू दिन ठीक ओहिना होयत।
31. ताहि दिन जँ केओ छत पर होअय और ओकर सामान घर मे, तँ ओ ओकरा लेबाक लेल नहि उतरओ। तहिना जे केओ खेत मे होअय, से घूमि कऽ नहि आबओ।
32. लूतक घरवाली केँ मोन राखू।
33. जे केओ अपन प्राण बचयबाक प्रयत्‍न करैत अछि, से ओकरा गमाओत, और जे केओ अपन प्राण गमबैत अछि से ओकरा सुरक्षित राखत।
34. हम अहाँ सभ केँ कहैत छी, ओहि राति दू आदमी एक ओछायन पर सुतल रहत, एक लऽ लेल जायत, आ दोसर छोड़ि देल जायत।
35. दूटा स्‍त्रीगण एक संग जाँत पिसैत रहत, एकटा लऽ लेल जायत, आ दोसर छोड़ि देल जायत।
36. [दू आदमी खेत मे रहत, एक लऽ लेल जायत, आ दोसर छोड़ि देल जायत।] ”
37. शिष्‍य सभ पुछलथिन, “प्रभु, ई कतऽ होयत?” ओ उत्तर देलथिन, “जतऽ लास पड़ल रहत, ततहि गिद्ध सभ जुटत।”