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एक साल में बाइबल
मार्च 8

मरकुस 10:32-52
32. यीशु और हुनकर शिष्‍य सभ यरूशलेम जाय वला रस्‍ता पर बढ़ैत छलाह। यीशु आगू-आगू चलि रहल छलाह। शिष्‍य सभ आश्‍चर्य-चकित छलाह और जे सभ संग मे पाछू-पाछू अबैत छल से सभ भयभीत छल। बारहो शिष्‍य केँ यीशु फेर अलग लऽ जा कऽ हुनका सभ केँ बुझा देलथिन जे हुनका संग केहन घटना सभ होयतनि। ओ हुनका सभ केँ कहलथिन जे,
33. “सुनू, अपना सभ यरूशलेम जा रहल छी। ओहिठाम मनुष्‍य-पुत्र मुख्‍यपुरोहित और धर्मशिक्षक सभक हाथ मे पकड़ाओल जायत। ओ सभ ओकरा मृत्‍युदण्‍डक जोगरक ठहरा देतैक और गैर-यहूदी सभक हाथ मे सौंपि देतैक।
34. ओ सभ ओकर हँसी उड़ौतैक और ओकरा पर थुकतैक, ओकरा कोड़ा सँ मारतैक और मारि देतैक। मुदा तीन दिनक बाद ओ फेर जीबि उठत।”
35. जबदीक दूनू पुत्र याकूब और यूहन्‍ना यीशु लग आबि कऽ कहलथिन, “गुरुजी, हम सभ चाहैत छी जे, हम सभ जे किछु माँगी से अहाँ हमरा सभक लेल कऽ दिअ।”
36. यीशु पुछलथिन जे, “अहाँ सभ की चाहैत छी जे हम कऽ दिअ?”
37. ओ सभ जबाब देलथिन जे, “अहाँ अपन महिमामय राज्‍य मे हमरा सभ मे सँ एक केँ अपना दहिना कात मे और दोसर केँ अपना बामा कात मे बैसबाक अधिकार दिअ।”
38. यीशु हुनका सभ केँ कहलथिन, “अहाँ सभ की माँगि रहल छी से अहाँ सभ नहि बुझैत छी। की दुःखक बाटी सँ जे हमरा पिबाक अछि से अहाँ सभ पिबि सकैत छी? वा कष्‍टक बपतिस्‍मा लऽ सकैत छी जे हमरा लेबाक अछि?”
39. ओ सभ उत्तर देलथिन जे, “हँ, कऽ सकैत छी।” तखन यीशु हुनका सभ केँ कहलथिन, “जे बाटी हमरा पिबाक अछि से तँ अहाँ सभ पीब, और जे बपतिस्‍मा हमरा लेबाक अछि से अहाँ सभ लेब,
40. मुदा किनको अपना दहिना कात वा बामा कात बैसायब, तकर अधिकार हमरा नहि अछि—ई स्‍थान सभ तिनका सभक लेल छनि, जिनका सभक लेल तैयार कयल गेल अछि।”
41. जखन बाँकी दस शिष्‍य एहि बातक बारे मे सुनलनि तखन ओ सभ याकूब और यूहन्‍ना पर खिसिआय लगलाह।
42. एहि पर यीशु शिष्‍य सभ केँ अपना लग बजा कऽ कहलथिन, “अहाँ सभ जनैत छी जे एहि संसार मे जे सभ शासन करऽ वला बुझल जाइत छथि से सभ जनता पर हुकुम चलबैत रहैत छथि, और जनता मे जे पैघ लोक सभ छथि से जनता पर अधिकार जमबैत छथि।
43. मुदा अहाँ सभ मे एना नहि होअय। बल्‍कि, जे अहाँ सभ मे पैघ होमऽ चाहय से अहाँ सभक सेवक बनय।
44. और जे केओ अहाँ सभ मे प्रमुख व्‍यक्‍ति होमऽ चाहय से सभक टहलू बनय!
45. किएक तँ मनुष्‍य-पुत्र सेहो एहि लेल नहि आयल अछि जे अपन सेवा कराबय बल्‍कि एहि लेल जे ओ सेवा करय और बहुतो लोकक छुटकाराक मूल्‍य मे अपन प्राण देअय।”
46. तखन ओ सभ यरीहो नगर पहुँचलाह। जखन यीशु और शिष्‍य सभ बड़का भीड़क संग यरीहो सँ निकलैत छलाह तखन रस्‍ताक कात मे तिमाईक पुत्र, बरतिमाई, जे आन्‍हर छल, से भीख मँगैत बैसल छल।
47. जखन ओ सुनलक जे नासरत-निवासी यीशु जा रहल छथि तँ ओ सोर पारि कऽ कहऽ लागल जे, “यौ दाऊदक पुत्र यीशु! हमरा पर दया करू!”
48. ओकरा बहुत लोक डाँटि कऽ चुप रहऽ लेल कहलकैक, मुदा ओ आरो जोर सँ हल्‍ला कऽ कऽ कहऽ लागल जे, “यौ दाऊदक पुत्र! हमरा पर दया करू!”
49. यीशु ठाढ़ भऽ गेलाह आ कहलनि जे, “ओकरा बजाउ!” तखन ओहि आन्‍हर केँ बजा कऽ लोक सभ कहलकैक जे, “निराश नहि हो! उठ! तोरा बजबैत छथुन!”
50. अपन ओढ़ना फेकि कऽ ओ छरपि उठल और यीशु लग आयल।
51. यीशु ओकरा पुछलथिन जे, “तोँ की चाहैत छह, हम तोरा लेल की करिअह?” आन्‍हर बाजल, “गुरुजी, हम देखऽ चाहैत छी!”
52. यीशु ओकरा कहलथिन, “जाह—तोहर विश्‍वास तोरा नीक कऽ देलकह।” ओ तुरत देखऽ लागल और रस्‍ता मे यीशुक पाछाँ चलऽ लागल।