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एक साल में बाइबल
मार्च 26

लूका 2:25-52
25. यरूशलेम मे सिमियोन नामक एक आदमी छलाह, जे परमेश्‍वरक भय मानऽ वला एक धर्मी लोक छलाह। ओ “इस्राएल केँ शान्‍ति देनिहारक” बाट तकैत छलाह, आ पवित्र आत्‍मा हुनका संग छलथिन।
26. पवित्र आत्‍मा द्वारा हुनका ई कहल गेल छलनि जे, जा धरि अहाँ प्रभुक पठाओल उद्धारकर्ता-मसीह केँ नहि देखि लेबनि, ता धरि अहाँ नहि मरब।
27. पवित्र आत्‍माक प्रेरणा सँ ओ मन्‍दिर मे गेलाह। मरियम-यूसुफ जखन बेटाक लेल धर्म-नियमक विधि सभ पूरा करबाक हेतु बालक यीशु केँ मन्‍दिरक भीतर अनलथिन,
28. तँ सिमियोन हुनका कोरा मे लेलथिन, आ परमेश्‍वरक स्‍तुति कऽ कऽ बजलाह,
29. “हे परम प्रभु, अहाँ जहिना वचन देलहुँ तहिना आब अपना एहि दास केँ शान्‍ति सँ विदा करू,
30. किएक तँ हम अपना आँखि सँ अहाँक उद्धार केँ देखि लेलहुँ,
31. जाहि उद्धार केँ अहाँ सभ जातिक लोकक सम्‍मुख प्रस्‍तुत कयलहुँ।
32. हँ, ई उद्धार आन जाति सभ केँ बाट देखौनिहार आ अहाँक निज जाति इस्राएल केँ गौरव देनिहार एक इजोत होयताह।”
33. बच्‍चाक माय-बाबू सिमियोनक एहि कथन सँ चकित भेलाह।
34. तखन सिमियोन हुनका सभ केँ आशीर्वाद देलथिन आ बच्‍चाक माय मरियम केँ कहलथिन, “ई बच्‍चा परमेश्‍वरक दिस संकेत करऽ वला चिन्‍ह होयबाक लेल चुनल गेल छथि। बहुत लोक हिनकर विरोध करत। अहूँक हृदय तरुआरि सँ बेधल जायत। हिनका कारणेँ इस्राएलक बहुत गोटेक पतन आ उत्‍थान होयतैक, और एहि तरहेँ बहुत लोकक असली मनोभावना प्रगट कयल जयतैक।”
35. ***
36. ओतऽ हन्‍नाह नामक परमेश्‍वरक एक बड्ड बुढ़ि प्रवक्‍तिनि सेहो छलीह, जे आशेर-कुलक फनुएलक बेटी छलीह। विवाहक बाद ओ सात वर्ष धरि सुहागिन रहलीह,
37. तकरा बाद विधवा भऽ गेलीह, और आब ओ चौरासी वर्षक छलीह। ओ मन्‍दिर केँ नहि छोड़ि कऽ दिन-राति उपास आ प्रार्थनाक संग परमेश्‍वरक सेवा मे लागल रहैत छलीह।
38. ठीक ओही क्षण मरियम और यूसुफ लग आबि कऽ ओ परमेश्‍वरक धन्‍यवाद देबऽ लगलीह आ जे लोक सभ यरूशलेमक छुटकाराक बाट ताकि रहल छल, तकरा सभ सँ बच्‍चाक विषय मे बात करऽ लगलीह।
39. मरियम आ यूसुफ प्रभुक धर्म-नियमक अनुसार जे करबाक छलनि से सभ पूरा कऽ कऽ गलील प्रदेश मे अपन नगर नासरत घूमि अयलाह।
40. बच्‍चा बढ़ि कऽ बलिष्‍ठ आ नीक बुद्धि सँ परिपूर्ण होइत गेलाह, और हुनका पर परमेश्‍वरक आशीर्वाद छलनि।
41. यीशुक माय-बाबू प्रत्‍येक साल फसह-पाबनिक समय मे यरूशलेम जाइत छलाह।
42. यीशु जखन बारह वर्षक छलाह तँ ओ सभ आने बेर जकाँ पाबनि मनयबाक लेल यरूशलेम गेलाह।
43. पूरा पाबनि बिति गेला पर जखन ओ सभ विदा भेलाह तँ बालक यीशु यरूशलेमे मे रहि गेलाह, मुदा ई बात हुनकर माय-बाबू केँ नहि बुझल छलनि।
44. ओ सभ ई बुझि जे यीशु यात्री सभ मे कतौ होयताह एक दिनक रस्‍ता आगाँ बढ़ि गेलाह। तखन ओ सभ अपना सम्‍बन्‍धी आ संगी-साथी सभ मे हुनकर खोजबीन करऽ लगलथिन।
45. मुदा ओ जखन नहि भेटलथिन तँ ओ सभ हुनका तकबाक लेल फेर यरूशलेम गेलाह।
46. तेसर दिन यीशु हुनका सभ केँ मन्‍दिर मे धर्मगुरु सभक बीच बैसल, हुनका सभक बात सुनैत आ हुनका सभ सँ प्रश्‍न करैत, भेटलथिन।
47. जे सभ यीशुक बात सुनलथिन, से सभ हुनकर बुद्धि और उत्तर सभ सँ चकित छलाह।
48. यीशु केँ ओतऽ देखि कऽ हुनकर माय-बाबू आश्‍चर्यित भेलाह। हुनकर माय कहलथिन, “बौआ, हमरा सभक संग एना किएक कयलह? देखह, तोहर बाबूजी आ हम तोरा तकैत-तकैत परेसान भऽ गेल छलहुँ।”
49. ओ उत्तर देलथिन, “अहाँ सभ हमरा तकैत किएक छलहुँ? अहाँ सभ केँ नहि बुझल छल जे हमरा अपना पिताक घर मे होयब आवश्‍यक अछि?”
50. मुदा ओ सभ हुनकर कहबाक अर्थ नहि बुझि सकलाह।
51. तखन ओ हुनका सभक संग नासरत घूमि अयलाह, आ हुनकर सभक कहल मे रहलाह। हुनकर माय ई सभ बात अपना मोन मे राखि लेलनि।
52. यीशु बुद्धि आ शरीर मे बढ़ैत गेलाह, और परमेश्‍वर आ लोक दूनू हुनका सँ प्रसन्‍न रहलथिन।