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एक साल में बाइबल
मार्च 15

मरकुस 14:1-26
1. फसह-पाबनि और “बिनु खमीरक रोटी वला पाबनि” होमऽ मे दू दिन बाँकी छल। मुख्‍यपुरोहित और धर्मशिक्षक सभ यीशु केँ कोन तरहेँ छल सँ पकड़ब और मारि देब, तकर उपाय तकैत छलाह।
2. मुदा ओ सभ कहलनि जे, “पाबनिक समय मे नहि। एना नहि होअय जे जनता उपद्रव करय।”
3. यीशु बेतनिया गाम मे सिमोन नामक एक आदमी, जिनका पहिने कुष्‍ठ-रोग भेल छलनि, तिनका घर मे भोजन करैत छलाह। तखने एकटा स्‍त्रीगण संगमरमरक बर्तन मे जटामासी नामक बहुत दामी तेल अनलनि। बर्तन फोड़ि कऽ तेल हुनका माथ पर ढारि देलथिन।
4. लेकिन ओहिठाम बैसल किछु लोक खिसिआ कऽ एक-दोसर केँ कहऽ लागल जे, “ई दामी तेल किएक बरबाद कयल गेल?
5. ई तँ एक वर्षक मजदूरी सँ बेसी मे बेचि कऽ गरीब सभ मे बाँटल जा सकैत छल!” और ओहि स्‍त्री केँ डाँटऽ लागल।
6. मुदा यीशु कहलथिन, “हिनका छोड़ि दिऔन! हिनका किएक तंग करैत छिऐन? हमरा लेल बहुत बढ़ियाँ काज कयलनि।
7. गरीब सभ तँ अहाँ सभक संग सभ दिन रहत, और अहाँ सभ केँ जहिया मोन होयत तहिया ओकरा सभक सहायता कऽ सकब। मुदा हम अहाँ सभक संग सभ दिन नहि रहब।
8. ई जे किछु कऽ सकैत छलीह से कयलनि। ई पहिनहि सँ हमरा देह मे तेल लगा कऽ हम जे कबर मे राखल जायब तकर तैयारी कयलनि।
9. हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी जे, संसार भरि मे जतऽ कतौ हमर शुभ समाचारक प्रचार कयल जायत, ततऽ एहि स्‍त्रीगणक स्‍मरण मे हिनकर एहि काजक चर्चा सेहो कयल जायत।”
10. तखन यहूदा इस्‍करियोती, जे बारह शिष्‍य मे सँ एक छल, यीशु केँ मुख्‍यपुरोहित सभक हाथ मे पकड़यबाक योजना बनयबाक लेल हुनका सभक ओहिठाम गेल।
11. यहूदाक बात सुनि कऽ मुख्‍यपुरोहित सभ बहुत खुश भऽ गेलाह और ओकरा ई काज करबाक लेल पैसा देबाक वचन देलथिन। तेँ ओ यीशु केँ पकड़बयबाक अनुकूल अवसरक ताक मे रहऽ लागल।
12. बिनु खमीरक रोटी वला पाबनिक पहिल दिन, जाहि दिन मे फसह-भोजक भेँड़ा बलिदान करबाक प्रथा छल, शिष्‍य सभ यीशु सँ पुछलथिन जे, “फसह-पाबनिक भोजक व्‍यवस्‍था अहाँक लेल हम सभ कतऽ ठीक करू?”
13. यीशु दूटा शिष्‍य सभ केँ ई कहि कऽ पठौलनि जे, “शहर मे जाउ। ओतऽ घैल मे पानि लऽ जाइत एक पुरुष अहाँ सभ केँ भेटत, ओकरा पाछाँ-पाछाँ जाउ।
14. जाहि घर मे ओ प्रवेश करत ओहि घरक मालिक केँ कहबनि जे, ‘गुरुजी पुछैत छथि जे हमर अतिथि-घर कतऽ अछि जतऽ हम अपना शिष्‍य सभक संग फसह-भोज खायब?’
15. ओ अहाँ सभ केँ उपरका तल्‍ला पर एक नमहर कोठली देखौताह जाहि मे सभ किछु तैयार रहत। ओतहि अहाँ सभ अपना सभक भोजक तैयारी करू।”
16. दूनू शिष्‍य विदा भऽ कऽ शहर मे पहुँचलाह, और जहिना यीशु हुनका सभ केँ कहने छलथिन, ठीक ओहिना सभ किछु भेटलनि, और ओ सभ ओतऽ फसह-भोजक तैयारी कयलनि।
17. ओहि साँझ मे यीशु अपन बारहो शिष्‍यक संग ओतऽ पहुँचलाह।
18. भोजन करैत काल यीशु कहऽ लगलाह जे, “हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी जे, अहाँ सभ मे सँ एक गोटे हमरा पकड़बा देत, एक गोटे जे हमरा संग भोजन सेहो कऽ रहल अछि।”
19. शिष्‍य सभ दुखी भऽ कऽ एक-एक कऽ हुनका सँ पुछऽ लगलनि जे, “ओ हम तँ नहि छी?!”
20. यीशु हुनका सभ केँ कहलथिन, “ओ अहाँ बारहो मे सँ एक अछि जे हमरा संग बट्टा मे रोटी केँ बोड़ैत अछि।
21. मनुष्‍य-पुत्रक सम्‍बन्‍ध मे जहिना धर्मशास्‍त्र मे लिखल गेल अछि तहिना तँ ओ चलिए जायत, मुदा धिक्‍कार अछि ओहि मनुष्‍य केँ जे मनुष्‍य-पुत्र केँ पकड़बा रहल अछि। ओकरा लेल तँ नीक ई रहितैक जे ओ जन्‍मे नहि लेने रहैत।”
22. ओ सभ जखन भोजन कऽ रहल छलाह तँ यीशु रोटी लेलनि आ परमेश्‍वर केँ धन्‍यवाद देलनि। ओ रोटी केँ तोड़ि कऽ शिष्‍य सभ केँ देलथिन आ कहलथिन, “लिअ, ई हमर देह अछि।”
23. तखन बाटी हाथ मे लेलनि, और परमेश्‍वर केँ धन्‍यवाद दऽ कऽ हुनका सभ केँ देलथिन। ओ सभ गोटे ओहि मे सँ पिलनि।
24. ओ हुनका सभ केँ कहलथिन, “ई परमेश्‍वर आ मनुष्‍यक बीच विशेष सम्‍बन्‍ध स्‍थापित करऽ वला हमर खून अछि, जे बहुत लोकक लेल बहाओल जा रहल अछि।
25. हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी जे, जाबत तक परमेश्‍वरक राज्‍य मे हम नवका अंगूरक रस नहि पीब, ताबत तक अंगूरक रस फेर नहि पीब।”
26. तकरबाद एक भजन गाबि कऽ ओ सभ जैतून पहाड़ पर चल गेलाह।