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एक साल में बाइबल
मार्च 13

मरकुस 13:1-20
1. मन्‍दिर सँ बहराइत काल यीशु केँ हुनकर एकटा शिष्‍य कहलथिन, “गुरुजी, देखू! एहि मन्‍दिरक मकान सभ कतेकटा अछि! और एहि मे कतेक सुन्‍दर-सुन्‍दर पाथर लागल अछि!”
2. यीशु हुनका कहलथिन, “ई जे बड़का मकान सभ देखैत छिऐक—एतऽ एकोटा पाथर एक-दोसर पर नहि रहत, सभ ढाहल जायत।”
3. तखन मन्‍दिरक सामने मे जैतून पहाड़ पर यीशु जखन बैसल छलाह, तँ पत्रुस, याकूब, यूहन्‍ना और अन्‍द्रेयास एकान्‍त मे हुनका सँ पुछलथिन जे,
4. “हमरा सभ केँ कहू—ई बात सभ कहिया होयत? और कोन चिन्‍ह होयतैक जाहि सँ बुझि सकी जे ई बात सभ आब होयत?”
5. यीशु हुनका सभ केँ कहलथिन, “होसियार रहू जे अहाँ सभ केँ केओ बहकाबऽ नहि पाबय।
6. बहुतो लोक हमर नाम लऽ कऽ आओत और कहत जे ‘हम वैह छी!’, और बहुतो लोक केँ बहका देत।
7. जखन अहाँ सभ लड़ाइक समाचार और लड़ाइक हल्‍ला सभ सुनब तखन घबड़ायब नहि, ई सभ होयब आवश्‍यक अछि, मुदा संसारक अन्‍त तहिओ नहि होयत।
8. एक देश दोसर देश सँ लड़ाइ करत, और एक राज्‍य दोसर राज्‍य सँ। बहुतो ठाम मे अकाल पड़त आ भूकम्‍‍प होयत। ई सभ बात तँ कष्‍टक शुरुआते होयत!
9. “मुदा अहाँ सभ सावधान रहू! किएक तँ लोक सभ अहाँ सभ केँ पकड़ि कऽ दण्‍ड लगबयबाक लेल पंच सभक समक्ष लऽ जायत आ सभाघर सभ मे अहाँ सभ केँ कोड़ा सँ पिटबाओत। हमरा कारणेँ अहाँ सभ राज्‍यपाल सभ और राजा सभक समक्ष ठाढ़ कयल जायब, और हुनका सभ केँ अहाँ सभ हमरा बारे मे गवाही देब।
10. अन्‍तिम समय सँ पहिने परमेश्‍वरक शुभ समाचारक प्रचार सभ जाति मे होयब आवश्‍यक अछि।
11. और जखन लोक अहाँ सभ केँ पकड़ि कऽ दण्‍ड लगबयबाक लेल कचहरी मे लऽ जायत तँ ओहि सँ पहिने एकर चिन्‍ता नहि करब जे हम की कहब। बाजऽ वला अहाँ अपने नहि होयब, पवित्र आत्‍मा होयताह, तेँ ओहि समय मे अहाँ केँ मोन मे जे बात देल जाय वैह बात बाजब।
12. “भाय भाय केँ, और बाबू अपना बेटा केँ मृत्‍युदण्‍डक लेल पकड़बाओत, और बेटा-बेटी अपन माय-बाबूक विरोधी भऽ कऽ मरबा देत।
13. अहाँ सभ सँ सभ केओ एहि लेल घृणा करत जे अहाँ सभ हमर लोक छी। मुदा जे व्‍यक्‍ति अन्‍त तक स्‍थिर रहत से उद्धार पाओत।
14. “मुदा जखन अहाँ सभ ‘विनाश करऽ वला घृणित वस्‍तु’ केँ ओहिठाम ठाढ़ देखब जाहि ठाम नहि होयबाक चाही—पढ़ऽ वला ई बात ध्‍यान दऽ कऽ बुझू!—तखन जे सभ यहूदिया प्रदेश मे होअय से सभ पहाड़ पर भागि जाय।
15. जे छत पर होअय से उतरि कऽ कोनो सामान लेबाक लेल घर मे नहि जाओ—ओहो भागि जाओ।
16. और जे खेत मे होअय से अपन ओढ़ना लेबाक लेल घूमि कऽ नहि आबओ।
17. ओहि समय मे जे स्‍त्रीगण सभ गर्भवती होयत वा जकरा दूधपीबा बच्‍चा होयतैक, तकरा सभ केँ कतेक कष्‍ट होयतैक!
18. प्रार्थना करू जे ई सभ बात जाड़क समय मे नहि होअय!
19. कारण ओहि समय मे एहन कष्‍ट होयत जे शुरू सँ, जखन परमेश्‍वर पृथ्‍वीक सृष्‍टि कयलनि, आइ तक कहियो नहि भेल अछि, आ ने फेर कहियो होयत।
20. परमेश्‍वर ओहि समय केँ जँ घटा नहि देने रहितथि, तँ केओ नहि बँचैत। मुदा परमेश्‍वर अपन चुनल लोकक कारणेँ ओहि समय केँ घटा देलथिन।