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एक साल में बाइबल
फरवरी 12

मत्ती 26:26-50
26. ओ सभ जखन भोजन कऽ रहल छलाह तँ यीशु रोटी लेलनि आ परमेश्‍वर केँ धन्‍यवाद देलनि। ओ रोटी केँ तोड़ि कऽ शिष्‍य सभ केँ देलथिन आ कहलथिन, “लिअ, खाउ, ई हमर देह अछि।”
27. तकरबाद ओ बाटी लेलनि आ परमेश्‍वर केँ धन्‍यवाद दऽ कऽ शिष्‍य सभ केँ दैत कहलथिन, “अहाँ सभ केओ एहि मे सँ पिबू।
28. ई परमेश्‍वर आ मनुष्‍यक बीच विशेष सम्‍बन्‍ध स्‍थापित करऽ वला हमर खून अछि, जे बहुत लोकक पापक क्षमादानक लेल बहाओल जा रहल अछि।
29. हम अहाँ सभ केँ कहैत छी जे, ई अंगूरक रस हम आजुक बाद ताबत तक फेर नहि पीब जाबत तक हम अपन पिताक राज्‍य मे अहाँ सभक संग नवका अंगूरक रस नहि पीब।”
30. तकरबाद एक भजन गाबि कऽ ओ सभ जैतून पहाड़ पर चल गेलाह।
31. तखन यीशु अपना शिष्‍य सभ केँ कहलथिन, “आइए राति अहाँ सभ गोटे हमरा कारणेँ अपना विश्‍वास मे डगमगायब, किएक तँ धर्मशास्‍त्र मे लिखल अछि जे परमेश्‍वर कहने छथि, ‘हम चरबाह केँ मारि देबैक, आ झुण्‍डक भेँड़ा सभ छिड़िया जायत।’
32. मुदा मृत्‍यु सँ फेर जीवित भऽ गेलाक बाद हम अहाँ सभ सँ पहिने गलील प्रदेश जायब।”
33. एहि पर पत्रुस कहलथिन, “चाहे सभ केओ अहाँक कारणेँ विश्‍वास मे डगमगायत, मुदा हम कहियो नहि डगमगायब!”
34. यीशु पत्रुस केँ कहलथिन, “हम अहाँ केँ सत्‍य कहैत छी जे, आइए राति मे मुर्गा केँ बाजऽ सँ पहिने अहाँ तीन बेर हमरा अस्‍वीकार कऽ कऽ लोक केँ कहबैक जे, हम ओकरा चिन्‍हबो नहि करैत छिऐक।”
35. मुदा पत्रुस कहलथिन, “हमरा जँ अहाँक संग मरहो पड़त तैयो हम किन्‍नहुँ नहि अहाँ केँ अस्‍वीकार करब।” आरो सभ शिष्‍य सेहो यैह बात कहलथिन।
36. ओहिठाम सँ यीशु अपन शिष्‍य सभक संग गतसमनी नामक एक जगह पर गेलाह। ओ हुनका सभ केँ कहलथिन, “हम किछु आगाँ जा कऽ जाबत प्रार्थना करैत छी ताबत अहाँ सभ एतऽ बैसल रहू।”
37. ओ पत्रुस आ जबदीक दूनू पुत्र केँ अपना संग लऽ गेलाह। ओ बहुत व्‍यथित आ व्‍याकुल होमऽ लगलाह,
38. और हुनका सभ केँ कहलथिन, “हमर मोन व्‍यथा सँ एतेक व्‍याकुल अछि—मानू जे हम दुःख सँ मरऽ पर छी। अहाँ सभ एहिठाम रहि कऽ हमरा संग जागल रहू।”
39. एतेक कहि ओ कनेक आगाँ बढ़लाह आ मुँह भरे खसि कऽ प्रार्थना करऽ लगलाह, “हे हमर पिता, जँ भऽ सकैत अछि तँ ई दुःखक बाटी हमरा लग सँ हटा लिअ, मुदा तैयो जेना हम चाहैत छी तेना नहि, बल्‍कि जेना अहाँ चाहैत छी तेना होअय।”
40. तकरबाद यीशु अपन तीनू शिष्‍य लग अयलाह। ओ हुनका सभ केँ सुतल देखि पत्रुस केँ पुछलथिन, “की हमरा संग एको घण्‍टा जागल रहितहुँ से अहाँ सभ केँ पार नहि लागल?
41. परीक्षा मे नहि पड़ि जाउ ताहि लेल अहाँ सभ जागल रहू आ प्रार्थना करैत रहू। आत्‍मा तँ तत्‍पर अछि मुदा शरीर कमजोर।”
42. यीशु फेर जा कऽ प्रार्थना करऽ लगलाह, “हे पिता, जँ ई बाटी बिनु पिने हमरा लग सँ नहि हटाओल जा सकैत अछि, तँ अहाँक जे इच्‍छा अछि से पूरा होअय।”
43. ओ जखन प्रार्थना कऽ कऽ शिष्‍य सभ लग अयलाह तँ ओ सभ फेर सुतल छलाह। हुनकर सभक आँखि नीन सँ भारी भऽ गेल छलनि।
44. यीशु हुनका सभ केँ सुतले छोड़ि कऽ फेर गेलाह आ तेसरो बेर ओही तरहेँ प्रार्थना कयलनि।
45. तकरबाद ओ शिष्‍य सभ लग अयलाह आ कहलथिन, “की अहाँ सभ एखनो तक सुतिए रहल छी आ आरामे कऽ रहल छी? देखू, ओ समय आब आबि गेल, मनुष्‍य-पुत्र पापी सभक हाथ मे पकड़बाओल जा रहल अछि।
46. उठू-उठू! चलू! देखू, हमरा पकड़बाबऽ वला आबि गेल अछि!”
47. यीशु ई बात कहिए रहल छलाह कि यहूदा, जे बारह शिष्‍य मे सँ एक छल, ओतऽ पहुँचि गेल। ओकरा संग लोकक बड़का भीड़ छलैक, और सभक हाथ मे तरुआरि आ लाठी छल। ओकरा सभ केँ मुख्‍यपुरोहित सभ आ समाजक बूढ़-प्रतिष्‍ठित लोकनि पठौने छलाह।
48. यीशु केँ पकड़बाबऽ वला ओकरा सभ केँ ई संकेत देने छलैक जे, “हम जकरा चुम्‍मा लेब, वैह होयत। अहाँ सभ ओकरे पकड़ि लेब।”
49. यहूदा तुरत यीशुक लग मे जा कऽ कहलकनि, “गुरुजी, प्रणाम!” आ हुनका चुम्‍मा लेलकनि।
50. यीशु कहलथिन, “हौ मित्र, तोँ जाहि काजक लेल आयल छह, से कऽ लैह।” तखन लोक सभ आगाँ बढ़ि कऽ यीशु केँ पकड़ि लेलकनि आ बन्‍दी बना लेलकनि।