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एक साल में बाइबल
फरवरी 11

मत्ती 26:1-25
1. ई सभ बात जखन कहल भऽ गेलनि तँ यीशु अपना शिष्‍य सभ केँ कहलथिन,
2. “अहाँ सभ जनैत छी जे दू दिनक बाद फसह-पाबनि अछि। ओहि समय मे मनुष्‍य-पुत्र क्रूस पर लटका कऽ मारबाक लेल पकड़बाओल जायत।”
3. ओम्‍हर काइफा नामक महापुरोहित जे छलाह तिनका आङन मे मुख्‍यपुरोहित आ समाजक बूढ़-प्रतिष्‍ठित सभ जमा भऽ कऽ
4. अपना मे विचार-विमर्श करऽ लगलाह जे कोन तरहेँ छल सँ यीशु केँ पकड़ि कऽ मारल जाय।
5. ओ सभ कहैत छलाह जे, “मुदा पाबनिक समय मे नहि। एना नहि होअय जे जनता उपद्रव करय।”
6. यीशु जखन बेतनिया गाम मे सिमोन नामक एक आदमी, जिनका पहिने कुष्‍ठ-रोग भेल छलनि, तिनका ओहिठाम छलाह,
7. तँ एक स्‍त्री बेसकिमती सुगन्‍धित तेल एकटा संगमरमरक बर्तन मे लऽ कऽ अयलीह। यीशु भोजन करैत छलाह तखने ओ स्‍त्री ओहि सुगन्‍धित तेल केँ यीशुक माथ पर ढारि देलथिन।
8. ई देखि हुनकर शिष्‍य सभ खिसिआइत बजलाह, “एहन नीक वस्‍तु किएक एना बरबाद कयल गेल?
9. एहि तेल केँ बढ़ियाँ दाम मे बेचि कऽ बहुतो गरीबक सहायता कयल जा सकैत छल।”
10. शिष्‍य सभक बात बुझि यीशु हुनका सभ केँ कहलथिन, “एहि स्‍त्री केँ अहाँ सभ किएक डाँटि रहल छी? ई तँ हमरा लेल बहुत बढ़ियाँ काज कयलनि।
11. गरीब सभ तँ अहाँ सभक संग सभ दिन रहत, मुदा हम अहाँ सभक संग सभ दिन नहि रहब।
12. ई सुगन्‍धित तेल हमरा मूड़ी पर ढारि कऽ ई स्‍त्रीगण हम जे कबर मे राखल जायब, तकर तैयारी कयलनि।
13. हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी जे, संसार भरि मे जतऽ कतौ हमर शुभ समाचारक प्रचार कयल जायत, ततऽ एहि स्‍त्रीगणक स्‍मरण मे हिनकर एहि काजक चर्चा सेहो कयल जायत।”
14. तकरबाद यीशुक बारह शिष्‍य मे सँ एक जकर नाम यहूदा इस्‍करियोती छलैक से मुख्‍यपुरोहित सभ लग जा कऽ कहलकनि,
15. “हम जँ यीशु केँ अहाँ सभक हाथ मे पकड़बा देब तँ अहाँ सभ हमरा की देब?” एहि पर ओ सभ तीसटा चानीक सिक्‍का ओकरा देलथिन।
16. ओहि समय सँ यहूदा यीशु केँ पकड़बयबाक अनुकूल अवसरक ताक मे रहऽ लागल।
17. “बिनु खमीरक रोटी वला पाबनि”क पहिल दिन यीशुक शिष्‍य सभ हुनका लग आबि पुछलथिन, “फसह-पाबनिक भोजक व्‍यवस्‍था अहाँक लेल हम सभ कतऽ ठीक करू?”
18. यीशु कहलथिन, “शहर मे फलानाक ओतऽ जाउ आ कहू, ‘गुरुजी कहलनि अछि जे हमर समय आब लगचिआ गेल अछि। हम अपन शिष्‍य सभक संग अहाँक ओतऽ फसह-भोज खायब।’ ”
19. शिष्‍य सभ यीशुक कथनानुसार सभ बात कऽ कऽ फसह-पाबनिक भोजक व्‍यवस्‍था ओतहि कयलनि।
20. साँझ पड़ला पर यीशु अपन बारहो शिष्‍यक संग भोजन करबाक लेल बैसलाह।
21. भोजन करैत समय यीशु अपना शिष्‍य सभ केँ कहलथिन, “हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी, अहाँ सभ मे सँ एक गोटे हमरा पकड़बा देब।”
22. ई सुनि शिष्‍य सभ बहुत उदास भऽ गेलाह। ओ सभ बेरा-बारी हुनका सँ पुछऽ लगलनि जे, “हे प्रभु, ओ हम तँ नहि छी?”
23. यीशु उत्तर देलथिन, “हमरा संग जे बट्टा मे हाथ रखने अछि सैह हमरा पकड़बाओत।
24. मनुष्‍य-पुत्रक सम्‍बन्‍ध मे जहिना धर्मशास्‍त्र मे लिखल गेल अछि तहिना तँ ओ चलिए जायत, मुदा धिक्‍कार अछि ओहि मनुष्‍य केँ जे मनुष्‍य-पुत्र केँ पकड़बा रहल अछि। ओकरा लेल तँ नीक ई रहितैक जे ओ जन्‍मे नहि लेने रहैत।”
25. एहि पर हुनका पकड़बाबऽ वला यहूदा कहलकनि, “गुरुजी, की अहाँ हमरा बारे मे तँ नहि कहि रहल छी?” यीशु उत्तर देलथिन, “अहाँ स्‍वयं कहि देलहुँ।”