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एक साल में बाइबल
जनवरी 28

मत्ती 18:21-35
21. तकरबाद पत्रुस यीशु लग आबि कऽ पुछलथिन, “यौ प्रभु, हमर भाय जँ हमरा संग अपराध करय तँ कतेक बेर हम ओकरा क्षमा करैत रहिऐक? की सात बेर तक?”
22. यीशु कहलथिन, “हम तँ कहैत छी, सात बेर नहि, बल्‍कि सात सँ सत्तरिक जे गुणनफल होयत ततेक बेर।
23. “कारण, स्‍वर्गक राज्‍यक तुलना एहन राजा सँ कयल जा सकैत अछि जे अपन राज्‍यक कर्मचारी सभ सँ हिसाब-किताब लेबऽ चाहलनि।
24. जखन ओ हिसाब-किताब लेबऽ लगलाह तँ हुनका लग एक कर्मचारी केँ लाओल गेल, जकरा पर दस हजार सोनक रुपैया ऋण छलनि।
25. ओहि कर्मचारी लग ऋण सधयबाक लेल किछु नहि छलैक तेँ ओकर मालिक आज्ञा दऽ देलथिन जे, एकरा, एकर स्‍त्री आ बाल-बच्‍चा केँ और एकर सभ सामान बेचि कऽ एकरा सँ ऋण असूल कयल जाय।
26. ई सुनि ओ कर्मचारी अपना मालिकक पयर पर खसि कऽ विनती करऽ लागल जे, ‘यौ सरकार, धैर्य राखल जाओ, हम अपनेक सम्‍पूर्ण ऋण सधा देब।’
27. मालिक ओकरा पर दया कऽ कऽ ओकरा छोड़ि देलथिन आ ओकर सम्‍पूर्ण ऋण माफ कऽ देलथिन।
28. मुदा ओ कर्मचारी जखन ओतऽ सँ बाहर भेल तँ ओकरा संग काज करऽ वला एक दोसर कर्मचारी भेटलैक जे ओकरा सँ एक सय तामक रुपैया ऋण लेने छलैक। ओ ओकरा पकड़ि कऽ गरदनि चभैत कहलकैक, ‘जे किछु तोरा पर हमर ऋण अछि, से तुरत ला!’
29. ओ कर्मचारी ओकरा पयर पर खसि कऽ विनती करऽ लागल, ‘धैर्य राखू, हम अहाँक ऋण सधा देब।’
30. मुदा ओ नहि मानलक आ जा कऽ ओकरा जहल मे रखबा देलकैक जे जाबत तक ऋण नहि सधाओत ताबत तक जहल मे रहओ।
31. ई देखि दोसर कर्मचारी सभ केँ बहुत दुःख भेलैक आ ओ सभ जा कऽ सम्‍पूर्ण घटना मालिक केँ कहि सुनौलकनि।
32. तकरबाद मालिक ओहि कर्मचारी केँ बजबा कऽ कहलथिन, ‘है दुष्‍ट नोकर, तोँ हमरा सँ विनती कयलेँ तँ हम तोहर सम्‍पूर्ण ऋण माफ कऽ देलिऔक।
33. तँ की ई उचित नहि छल जे जहिना हम तोरा संग दया कयलिऔ, तहिना तोहूँ अपन संगी-कर्मचारीक संग दया करिते?’
34. मालिक केँ ओहि कर्मचारी पर बहुत क्रोध भऽ गेलनि आ ओ ओकरा दण्‍ड देबाक लेल जहल मे पठबा देलथिन जे जाबत तक ओ पूरा ऋण सधा नहि दय ताबत तक जहल मे रहओ।
35. तेँ जँ अहूँ सभ अपना भाय केँ हृदय सँ क्षमा नहि करबैक तँ हमर स्‍वर्गीय पिता अहूँ सभक संग ओहने व्‍यवहार करताह।”