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एक साल में बाइबल
जनवरी 23

मत्ती 15:1-20
1. तकरबाद यरूशलेम सँ किछु फरिसी आओर धर्मशिक्षक सभ यीशु लग अयलाह आ कहलथिन,
2. “अहाँक शिष्‍य सभ पुरखाक चलन सभ केँ किएक तोड़ैत अछि? ओ सभ भोजन करऽ सँ पहिने विधिवत हाथ नहि धोइत अछि।”
3. यीशु उत्तर देलथिन, “और अहाँ सभ अपन चलन सभक पालन करबाक लेल परमेश्‍वरक आज्ञा केँ किएक तोड़ैत छी?
4. देखू, परमेश्‍वर कहने छथि जे, ‘अपन माय-बाबूक आदर करह,’ आ ‘जे केओ अपन माय-बाबूक निन्‍दा करय तकरा मृत्‍युदण्‍ड देल जाय।’
5. मुदा अहाँ सभ कहैत छी जे, जँ केओ अपन बाबू वा माय सँ कहत, ‘हम अहाँ सभ केँ जे किछु सहायता कऽ सकैत छलहुँ से हम परमेश्‍वर केँ अर्पण कऽ देने छी,’
6. तँ ओकरा अपन माय-बाबूक सहायता कऽ कऽ आदर करबाक कोनो आवश्‍यकता नहि छैक। एहि तरहेँ अहाँ सभ अपन चलन केँ चलयबाक लेल परमेश्‍वरक आज्ञा केँ निरर्थक ठहरबैत छी।
7. हे पाखण्‍डी सभ! यशायाह अहाँ सभक सम्‍बन्‍ध मे एकदम ठीक भविष्‍यवाणी कयलनि जे,
8. ‘ई सभ मुँह सँ हमर आदर करैत अछि, मुदा एकर सभक हृदय हमरा सँ दूर छैक।
9. ई सभ बेकार हमर उपासना करैत अछि। ई सभ जे शिक्षा दैत अछि, से मात्र मनुष्‍यक बनाओल नियम सभ अछि।’ ”
10. यीशु भीड़क लोक केँ अपना लग बजा कऽ कहलथिन, “अहाँ सभ सुनू आ बुझू।
11. जे कोनो वस्‍तु मुँह मे जाइत अछि, से मनुष्‍य केँ अशुद्ध नहि करैत अछि, बल्‍कि जे मुँह सँ बहराइत अछि से ओकरा अशुद्ध करैत अछि।”
12. एहि पर हुनकर शिष्‍य सभ हुनका लग आबि कहलथिन, “अहाँ जे कहलहुँ से फरिसी सभ केँ बड्ड खराब लगलनि, से अहाँ केँ बुझल अछि?”
13. यीशु हुनका सभ केँ उत्तर देलथिन, “प्रत्‍येक गाछ जे हमर स्‍वर्गीय पिता नहि लगौने छथि, से जड़ि सँ उखाड़ल जायत।
14. छोड़ू ओकर सभक बात! ओ सभ तँ अपने आन्‍हर अछि आ आन्‍हर सभ केँ बाट देखबैत अछि। आन्‍हरे जँ आन्‍हर केँ बाट देखाओत तँ दूनू अवश्‍य खधिया मे खसत।”
15. एहि पर पत्रुस कहलथिन, “एहि दृष्‍टान्‍तक अर्थ हमरा सभ केँ बुझा दिअ।”
16. यीशु कहलथिन, “की अहूँ सभ एखन तक नहि बुझलहुँ?
17. की अहाँ सभ नहि बुझैत छी जे, जे किछु मुँह मे जाइत अछि से पेट मे जा कऽ देह सँ बाहर भऽ जाइत अछि?
18. मुदा जे बात मुँह सँ बहराइत अछि से हृदय सँ निकलि कऽ अबैत अछि आ से मनुष्‍य केँ अशुद्ध बनबैत अछि।
19. कारण, हृदय सँ निकलैत अछि विभिन्‍न तरहक गलत विचार, हत्‍या, परस्‍त्रीगमन, अनैतिक शारीरिक सम्‍बन्‍ध, चोरी, झूठ गवाही, निन्‍दाक बात,
20. आ यैह बात सभ मनुष्‍य केँ अशुद्ध करैत अछि, नहि कि बिनु हाथ धोने भोजन करब, से।”