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एक साल में बाइबल
जनवरी 20

मत्ती 13:31-58
31. यीशु लोक सभ केँ एक आओर दृष्‍टान्‍त दैत कहलथिन, “स्‍वर्गक राज्‍य सरिसोक दाना जकाँ अछि, जकरा केओ लेलक आ अपना खेत मे बाउग कऽ देलक।
32. दाना सभ मे सरिसोक दाना सभ सँ छोट होइत अछि मुदा जनमि कऽ बढ़लाक बाद सभ साग-पात सँ पैघ भऽ तेहन गाछ भऽ जाइत अछि जे आकाशक चिड़ै सभ आबि कऽ ओकरा ठाढ़ि-पात मे अपन खोंता बना लैत अछि।”
33. यीशु एकटा आओर दृष्‍टान्‍त ओकरा सभ केँ देलथिन—“स्‍वर्गक राज्‍य रोटी फुलाबऽ वला खमीर जकाँ अछि, जकरा एक स्‍त्री तीन पसेरी आँटा मे मिला कऽ सनलक; बाद मे खमीरक शक्‍ति सँ पूरा आँटा फुलि गेलैक।”
34. यीशु अपना लग जमा भेल लोकक भीड़ केँ ई सभ बात दृष्‍टान्‍त दऽ-दऽ कऽ कहलथिन। बिनु दृष्‍टान्‍त देने ओ ओकरा सभ केँ किछु नहि कहलथिन।
35. ओ एहि लेल एना बात कयलनि जे परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता द्वारा कहल वचन पूरा होअय— “हम दृष्‍टान्‍त सभ दऽ-दऽ कऽ बाजब, सृष्‍टिक आरम्‍भ सँ जे बात सभ झाँपल छल से हम कहब।”
36. तकरबाद यीशु लोकक भीड़ केँ छोड़ि कऽ घर मे चल अयलाह। शिष्‍य सभ हुनका लग आबि कऽ कहलथिन, “खेत मे बाउग कयल जंगलिआ बीयाक दृष्‍टान्‍त वला बात केँ हमरा सभ केँ बुझा दिअ।”
37. ओ हुनका सभ केँ उत्तर देलथिन, “नीक बीया बाउग कयनिहार छथि मनुष्‍य-पुत्र।
38. खेत अछि संसार, आ नीक बीया अछि परमेश्‍वरक राज्‍यक सन्‍तान सभ। जंगलिआ बीया अछि दुष्‍ट शैतानक सन्‍तान सभ।
39. जंगलिआ बीया बाउग करऽ वला दुश्‍मन अछि शैतान। कटनीक समय अछि संसारक अन्‍त आ कटनी कयनिहार सभ छथि स्‍वर्गदूत सभ।
40. “जाहि तरहेँ जंगलिआ घास केँ जमा कऽ कऽ आगि मे जराओल जाइत अछि तहिना संसारक अन्‍त मे सेहो कयल जायत।
41. मनुष्‍य-पुत्र अपना स्‍वर्गदूत सभ केँ पठौताह आ ओ सभ हुनका राज्‍य मे सँ सभ प्रकारक पाप मे फँसाबऽ वला बात सभ केँ उखाड़ि कऽ आ कुकर्मी सभ केँ जमा कऽ कऽ
42. आगिक भट्ठी मे फेकि देताह, जतऽ लोक कानत आ दाँत कटकटाओत।
43. तखन धर्मी सभ अपना पिताक राज्‍य मे सूर्य जकाँ चमकताह। जकरा कान होइक, से सुनओ।
44. “स्‍वर्गक राज्‍य खेत मे गाड़ल धन जकाँ अछि, जकरा कोनो मनुष्‍य पौलक आ फेर माटि सँ झाँपि देलक। ओ एतेक खुश भेल जे ओ अपन सभ धन-सम्‍पत्ति बेचि कऽ ओहि खेत केँ किनि लेलक।
45. “फेर, स्‍वर्गक राज्‍य ओहि व्‍यापारी सन अछि जे नीक मोतीक खोज मे छल।
46. जखन ओकरा एक बहुत बहुमूल्‍य मोती भेटलैक तँ जा कऽ अपन सभ किछु बेचि देलक आ ओहि मोती केँ किनि लेलक।
47. “फेर दोसर दृष्‍टिएँ स्‍वर्गक राज्‍य ओहि महाजाल सन अछि जे समुद्र मे खसाओल गेल आ सभ प्रकारक माछ ओहि मे घेरायल।
48. जखन जाल भरि गेल तँ लोक सभ ओकरा कछेर पर अनलक आ बैसि कऽ नीक माछ सभ केँ डाली मे जमा कयलक मुदा खराब माछ सभ केँ फेकि देलक।
49. एहि संसारक अन्‍त मे सेहो एहिना होयतैक। स्‍वर्गदूत सभ आबि कऽ दुष्‍ट सभ केँ धर्मी सभ सँ अलग करताह
50. आ आगिक भट्ठी मे फेकि देताह, जतऽ लोक कानत आ दाँत कटकटाओत।”
51. तखन यीशु शिष्‍य सभ सँ पुछलथिन, “की अहाँ सभ ई बात सभ बुझलहुँ?” ओ सभ उत्तर देलथिन, “हँ।”
52. ओ हुनका सभ केँ कहलथिन, “तेँ प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति जे धर्मशास्‍त्र केँ बुझैत अछि आ जे स्‍वर्गक राज्‍यक शिष्‍य बनल अछि, से ओहि गृहस्‍थ जकाँ अछि जे अपन भण्‍डार घर मे सँ नव आ पुरान दूनू तरहक किमती वस्‍तु सभ निकालि सकैत अछि।”
53. यीशु ई दृष्‍टान्‍त सभ देलाक बाद ओतऽ सँ चल गेलाह।
54. ओ अपना गाम मे आबि कऽ सभाघर मे लोक सभ केँ उपदेश देबऽ लगलाह। लोक सभ हुनकर उपदेशक बात सभ सुनि आश्‍चर्यित भऽ गेल आ बाजल जे, “एकरा एहि तरहक बुद्धि आ चमत्‍कार करबाक सामर्थ्‍य कतऽ सँ भेटलैक?
55. की ई लकड़ी मिस्‍तिरीक बेटा नहि अछि? की एकर मायक नाम मरियम नहि छैक? आ एकर भाय सभ याकूब, यूसुफ, सिमोन, आ यहूदा नहि अछि?
56. की एकर बहिन सभ अपना सभक बीच नहि रहैत अछि? तखन एकरा ई बात सभ भेटलैक कतऽ सँ?”
57. एहि तरहेँ लोक यीशु सँ डाह करऽ लागल। तखन यीशु ओकरा सभ केँ कहलथिन, “मात्र अपने गाम आ अपने घर मे परमेश्‍वरक प्रवक्‍ताक अनादर होइत छैक।”
58. और ओकरा सभक अविश्‍वासक कारणेँ यीशु ओतऽ बहुत कम चमत्‍कार वला काज सभ कयलनि।