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एक साल में बाइबल
जनवरी 19

मत्ती 13:1-30
1. ओही दिन यीशु घर सँ बहरा कऽ झीलक कछेर पर जा कऽ बैसलाह।
2. हुनका लग लोकक एतेक विशाल भीड़ आबि कऽ जमा भऽ गेल जे ओ नाव पर चढ़ि कऽ बैसलाह आ लोकक भीड़ झीलक कछेर पर ठाढ़ रहल।
3. यीशु विभिन्‍न तरहक दृष्‍टान्‍त सभक द्वारा लोक सभ केँ बहुतो बात सभ कहलथिन। ओ कहलथिन, “एक किसान बीया बाउग करबाक लेल गेल।
4. बीया बाउग करैत काल किछु बीया रस्‍ताक कात मे खसल आ चिड़ै सभ आबि ओकरा खा लेलकैक।
5. किछु बीया पथराह जमीन पर खसल जतऽ बेसी माटि नहि होयबाक कारणेँ ओ जल्‍दी जनमि गेल।
6. मुदा रौद लगिते ओ झरकि गेल आ जड़ि नहि पकड़ि सकबाक कारणेँ सुखा गेल।
7. फेर दोसर बीया काँट-कुशक बीच मे खसल मुदा काँट-कुश बढ़ि कऽ ओकरा दबा देलकैक।
8. किछु बीया नीक जमीन पर पड़ल आ फड़ल-फुलायल, कोनो सय गुना फसिल देलक, कोनो साठि गुना आ कोनो तीस गुना।
9. जकरा कान होइक, से सुनओ।”
10. यीशुक शिष्‍य सभ हुनका लग आबि कऽ पुछलथिन, “अहाँ लोक सभ सँ दृष्‍टान्‍त सभ मे किएक बात करैत छी?”
11. यीशु उत्तर देलथिन, “स्‍वर्गक राज्‍य जे अछि तकर रहस्‍यक ज्ञान तँ अहाँ सभ केँ देल गेल अछि, मुदा एकरा सभ केँ नहि देल गेल छैक।
12. तेँ जकरा छैक तकरा आओर देल जयतैक आ ओकरा लग बहुते भऽ जयतैक। मुदा जकरा नहि छैक तकरा सँ जेहो छैक सेहो लऽ लेल जयतैक।
13. हम एकरा सभ सँ दृष्‍टान्‍त सभ मे एहि लेल बात करैत छी जे, ‘ई सभ तकितो देखैत नहि अछि; आ सुनितो ने सुनैत अछि आ ने बुझैत अछि।’
14. एकरा सभ मे यशायाहक ई भविष्‍यवाणी पूरा होइत अछि जे, ‘तोँ सभ सुनैत तँ रहबह मुदा बुझबह नहि, तोँ सभ देखैत तँ रहबह मुदा देखाइ देतह नहि।’
15. ‘कारण, एहि लोक सभक मोन मे ठेला पड़ि गेल छैक, ई सभ कान सँ उच्‍च सुनैत अछि, ई सभ अपन आँखि मुनि लेने अछि, जाहि सँ कतौ एना नहि होअय जे आँखि सँ देखय, कान सँ सुनय, मोन सँ बुझय, आ घूमि कऽ हमरा लग आबय, आ हम ओकरा सभ केँ स्‍वस्‍थ कऽ दिऐक।’
16. “मुदा धन्‍य छी अहाँ सभ जे आँखि सँ देखैत छी आ कान सँ सुनैत छी।
17. हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी जे, अपना समय मे परमेश्‍वरक एहन बहुतो प्रवक्‍ता आ धार्मिक लोक सभ रहथि जे सभ चाहलनि जे, जाहि बात सभ केँ अहाँ सभ देखि रहल छी, तकरा देखी, मुदा नहि देखलनि; और जाहि बात सभ केँ अहाँ सभ सुनि रहल छी, से सुनी, मुदा नहि सुनलनि।
18. “आब अहाँ सभ बाउग कयनिहार वला दृष्‍टान्‍तक अर्थ सुनू।
19. जखन केओ परमेश्‍वरक राज्‍यक शुभ समाचार सुनैत अछि मुदा बुझैत नहि अछि, तखन शैतान आबि कऽ जे किछु ओकरा हृदय मे बाउग कयल गेल रहैत अछि से ओकरा सँ छिनि कऽ लऽ लैत अछि। ई वैह बीया भेल जे रस्‍ताक कात मे बाउग कयल गेल छल।
20. पथराह जमीन पर बाउग कयल बीया ओ व्‍यक्‍ति भेल जे परमेश्‍वरक शुभ समाचार सुनि कऽ तुरत आनन्‍दपूर्बक ओकरा ग्रहण कऽ लैत अछि,
21. मुदा ओ वचन ओकरा मे जड़ि नहि पकड़ैत छैक आ ओ कनेके काल स्‍थिर रहैत अछि। जखन शुभ समाचारक कारणेँ ओकरा कष्‍ट सहऽ पड़ैत छैक वा ओकरा संग अत्‍याचार होमऽ लगैत छैक तँ ओ तुरत विश्‍वास केँ छोड़ि दैत अछि।
22. काँट-कुशक बीच खसल बीया ओ मनुष्‍य भेल जे शुभ समाचार केँ सुनैत अछि मुदा सांसारिक चिन्‍ता आ धन-सम्‍पत्तिक मोह-माया ओहि शुभ समाचार केँ दबा दैत छैक और ओ वचन ओकरा जीवन मे कोनो फल नहि दैत अछि।
23. नीक जमीन मे बाउग कयल बीया ओ सभ अछि जे सभ शुभ समाचार सुनैत अछि और बुझैत अछि। ओ फड़ि-फुला कऽ फसिल दैत अछि, केओ सय गुना, केओ साठि गुना आ केओ तीस गुना।”
24. यीशु लोक सभक समक्ष दोसर दृष्‍टान्‍त रखलनि जे, “स्‍वर्गक राज्‍यक तुलना ओहि मनुष्‍य सँ कयल जा सकैत अछि जे अपना खेत मे नीक बीया बाउग कयलनि।
25. मुदा जखन सभ केओ सुति रहल छल तखन हुनकर दुश्‍मन अयलनि आ ओहि बाउग कयल गहुमक खेत मे जंगली बीया बाउग कऽ चल गेल।
26. जखन बाउग कयल गहुमक बीया जनमल आ ओहि मे बालि निकलल तखन जंगलिआ घास सेहो देखाइ देलक।
27. ई देखि नोकर सभ मालिक केँ कहलकनि, ‘मालिक, की अपने अपना खेत मे बढ़ियाँ बीया बाउग नहि कयने छलहुँ? तँ एहि मे जंगलिआ घास कतऽ सँ आबि गेल?’
28. मालिक कहलथिन, ‘ई कोनो दुश्‍मनक काज अछि!’ नोकर सभ कहलकनि, ‘तँ की, ओकरा उखाड़ि दिऐक?’
29. ओ कहलथिन, ‘नहि। कतौ एना नहि भऽ जाओ जे जंगलिआ घास उखाड़ैत काल तोँ सभ गहुमोक गाछ सभ केँ उखाड़ि दहक।
30. गहुम कटयबाक समय तक दूनू केँ संग-संग बढ़ऽ दहक। कटनी करयबाक समय मे हम कटनिहार सभ केँ कहबैक जे, पहिने जंगलिआ घासक गाछ सभ केँ जमा कऽ कऽ जरयबाक लेल बोझ बान्‍हि लैह, तखन गहुम केँ हमरा बखारी मे जमा करह।’ ”