A A A A A
एक साल में बाइबल
जनवरी 14

मत्ती 10:1-20
1. तखन यीशु अपन बारहो शिष्‍य केँ बजा कऽ दुष्‍टात्‍मा सभ केँ निकालबाक और सभ तरहक रोग-बिमारी केँ ठीक करबाक अधिकार देलथिन।
2. एहि बारह मसीह-दूतक नाम एहि तरहेँ अछि—पहिल सिमोन, जिनकर पत्रुस नाम सेहो छनि, और हुनकर भाय अन्‍द्रेयास; जबदीक बेटा याकूब आ हुनकर भाय यूहन्‍ना;
3. फिलिपुस और बरतुल्‍मै; थोमा आ कर असूल कयनिहार मत्ती; अल्‍फेयासक बेटा याकूब आ तद्दै;
4. “देश-भक्‍त” सिमोन आ यहूदा इस्‍करियोती जे बाद मे यीशुक संग विश्‍वासघात कयलकनि।
5. एहि बारह गोटे केँ यीशु ई आज्ञा दऽ कऽ पठौलथिन जे, “गैर-यहूदी सभक बीच नहि जाउ आ सामरी सभक कोनो नगर मे प्रवेश नहि करू,
6. बल्‍कि इस्राएल वंशक हेरायल भेँड़ा सभ लग जाउ।
7. “जाइत-जाइत ई प्रचार करैत जाउ जे, ‘स्‍वर्गक राज्‍य लग आबि गेल अछि।’
8. रोगी सभ केँ स्‍वस्‍थ करू, मुइल सभ केँ जिआउ, कुष्‍ठ-रोगी सभ केँ शुद्ध करू, लोक सभ मे सँ दुष्‍टात्‍मा सभ केँ निकालू। अहाँ सभ केँ जे किछु भेटल अछि से अहाँ सभ बिना मूल्‍य पौलहुँ, तँ अहूँ सभ बिना मूल्‍य दिअ।
9. अपना बटुआ मे सोन, चानी वा तामक पाइ-कौड़ी किछु नहि राखू।
10. बाटक लेल ने झोरी-झण्‍टा, ने दोसर अंगा, ने चप्‍पल आ ने लाठी, किछु नहि संग लिअ; कारण, मजदूर केँ भोजन पयबाक अधिकार छैक।
11. जाहि कोनो नगर वा गाम मे जायब, तँ एहन लोकक पता लगाउ जे शुभ समाचार सुनबाक लेल तैयार होअय, आ ताबत धरि ओही व्‍यक्‍तिक ओतऽ रहू जाबत धरि ओहि गाम सँ विदा नहि भऽ जायब।
12. घर मे पहुँचि कऽ सभ सँ पहिने शान्‍तिक आशीर्वाद दिअ।
13. ओ घर जँ योग्‍य होअय तँ अपन शान्‍ति ओकरा पर रहऽ दिऔक, और जँ योग्‍य नहि होअय तँ अपन शान्‍ति घुमा लिअ।
14. जँ केओ अहाँ सभक स्‍वागत नहि करय आ अहाँ सभ जे कहऽ चाहैत छी, से नहि सुनय, तँ ओहि घर वा ओहि नगर सँ बहरयबा काल मे अपन पयरक गर्दा झाड़ि लेब।
15. हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी, न्‍यायक दिन ओहि नगरक दशा सँ सदोम आ गमोरा नगरक दशा सहबा जोगरक रहतैक।
16. “देखू, हम अहाँ सभ केँ भेँड़ी जकाँ जंगली जानबर सभक बीच मे पठा रहल छी, तेँ अहाँ सभ साँप जकाँ होसियार आ परबा जकाँ निष्‍कपट बनू।
17. “लोक सभ सँ सावधान रहू। कारण, ओ सभ अहाँ सभ केँ पकड़ि कऽ पंचायत मे पंच सभक समक्ष लऽ जायत आ अपना सभाघर सभ मे अहाँ सभ केँ कोड़ा सँ पिटबाओत।
18. हमरा कारणेँ राज्‍यपाल आ राजा सभक समक्ष अहाँ सभ केँ ठाढ़ कयल जायत और अहाँ सभ हुनका सभक सामने आ गैर-यहूदी सभक सामने हमरा बारे मे गवाही देब।
19. मुदा जखन ओ सभ अहाँ सभ केँ पकड़बाओत तँ अहाँ सभ चिन्‍ता नहि करू जे हम सभ कोना बाजब वा की बाजब। जे किछु अहाँ सभ केँ बजबाक होयत, से ओही क्षण अहाँ सभ केँ मोन मे दऽ देल जायत;
20. कारण, बाजऽ वला अहाँ सभ नहि, बल्‍कि अहाँ सभक पिता-परमेश्‍वरक आत्‍मा होयताह। ओ अहाँ सभक द्वारा बजताह।