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एक साल में बाइबल
जनवरी 13

मत्ती 9:18-38
18. यीशु हुनका सभ केँ ई बात सभ कहिए रहल छलाह कि सभाघरक एक अधिकारी अयलथिन आ हुनका सामने ठेहुन रोपि कऽ कहलथिन, “हमर बेटी एखने तुरत मरि गेलि अछि, मुदा तैयो अपने चलि कऽ अपन हाथ ओकरा पर राखि देल जाओ—तँ ओ जीबि जायत।”
19. यीशु उठि कऽ अपना शिष्‍य सभक संग हुनका पाछाँ विदा भऽ गेलाह।
20. तखने एक स्‍त्री जकरा बारह वर्ष सँ खून खसऽ वला बिमारी छलैक, से पाछाँ सँ आयल आ यीशुक कपड़ाक कोर छुबि लेलक।
21. ओ अपना मोन मे सोचि रहल छलि जे, “हम जँ हुनकर कपड़ो केँ छुबि लेब तँ स्‍वस्‍थ भऽ जायब।”
22. यीशु पाछाँ घूमि कऽ ओकरा देखलनि आ कहलथिन, “बेटी, साहस राखह, तोहर विश्‍वास तोरा स्‍वस्‍थ कऽ देलकह।” ओ स्‍त्री ओही घड़ी स्‍वस्‍थ भऽ गेलि।
23. यीशु सभाघरक अधिकारीक ओहिठाम पहुँचलाह तँ ओतऽ शोक मे बाँसुरी बजौनिहार सभ आ आरो लोक सभ केँ हल्‍ला-गुल्‍ला करैत देखलथिन।
24. ओ कहलथिन, “हटै जाइ जाउ, बच्‍ची मरल नहि अछि; सुतल अछि।” एहि पर लोक सभ हुनका पर हँसऽ लागल।
25. लोकक भीड़ जखन बाहर कयल गेल तँ यीशु घरक भीतर गेलाह। ओ बच्‍चीक हाथ पकड़ि कऽ उठौलथिन और बच्‍ची उठि बैसलि।
26. ई समाचार ओहि प्रान्‍तक कोना-कोना मे पसरि गेल।
27. यीशु ओतऽ सँ आगाँ बढ़लाह तँ दू आन्‍हर व्‍यक्‍ति एहि तरहेँ सोर पारैत हुनका पाछाँ-पाछाँ चलऽ लगलनि जे, “यौ दाऊदक पुत्र, हमरा सभ पर दया करू!”
28. यीशु जखन घर मे गेलाह तँ ओ आन्‍हर व्‍यक्‍ति सभ हुनका लग अयलनि। यीशु ओकरा सभ सँ पुछलथिन, “की तोरा सभ केँ विश्‍वास छह जे हम ई काज कऽ सकैत छी?” ओ सभ कहलकनि, “हँ, प्रभु।”
29. तखन यीशु ओकर सभक आँखि केँ छुबैत कहलथिन, “जेहन तोहर सभक विश्‍वास छह तहिना तोरा सभक लेल होअह।”
30. एतबा कहैत देरी ओकर सभक आँखि ठीक भऽ गेलैक। यीशु ओकरा सभ केँ चेतावनी देलथिन जे, “सुनह, ई बात ककरो नहि कहिअहक।”
31. मुदा ओ सभ घर सँ निकलि कऽ सम्‍पूर्ण जिला मे हुनकर कीर्ति सुना देलकनि।
32. ओ दूनू व्‍यक्‍ति केँ घर सँ निकलिते किछु लोक दुष्‍टात्‍मा सँ ग्रसित एक बौक आदमी केँ यीशु लग अनलकनि।
33. दुष्‍टात्‍मा केँ ओकरा मे सँ निकालि देल गेलाक बाद ओ बौक आदमी बाजऽ लागल। ई देखि भीड़क लोक सभ आश्‍चर्यित भऽ कहऽ लागल जे, “इस्राएल मे एहन बात कहियो नहि भेल छल।”
34. मुदा फरिसी सभ कहऽ लगलाह जे, “ई दुष्‍टात्‍मा सभक मुखियाक शक्‍ति सँ दुष्‍टात्‍मा सभ केँ निकालैत अछि।”
35. यीशु नगर-नगर, गाम-गाम घुमऽ लगलाह। ओ यहूदी सभक सभाघर सभ मे उपदेश दैत छलाह, परमेश्‍वरक राज्‍यक शुभ समाचार सुनबैत छलाह आ लोक सभ केँ सभ तरहक कष्‍ट-बिमारी सँ मुक्‍त करैत छलाह।
36. लोकक भीड़ केँ देखि कऽ हुनका दया होइत छलनि, कारण ओ सभ पीड़ित आ असहाय छल—ओहि भेँड़ी सभ जकाँ जकर केओ चरबाह नहि होइक।
37. तखन ओ अपना शिष्‍य सभ केँ कहलथिन, “पाकल फसिल तँ बहुत अछि, मुदा काटऽ वला मजदूर कम अछि।
38. तेँ खेतक मालिक सँ प्रार्थना करिऔन जे ओ अपना खेत मे आरो मजदूर पठबथि।”