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मसीह-दूत 13:26-52
26. “यौ भाइ लोकनि, अब्राहमक वंशज आ परमेश्‍वर पर श्रद्धा रखनिहार आरो जातिक लोक सभ, सुनू! अपना सभ गोटेक लेल ई उद्धारक शुभ समाचार पठाओल गेल अछि!
27. यरूशलेमक निवासी और ओकरा सभक धर्मगुरु सभ यीशु केँ नहि चिन्‍हलकनि, आ ने परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता सभक बात बुझलक जे प्रत्‍येक विश्राम-दिन सभाघर मे पढ़ल जाइत अछि, ओना तँ हुनका मृत्‍युदण्‍ड दऽ कऽ ओ सभ बिनु बुझने ओहि प्रवक्‍ता सभक भविष्‍यवाणी सभ पूरा कयलक।
28. ओकरा सभ केँ हुनका मृत्‍युदण्‍ड देबाक लेल कोनो आधार नहि भेटलैक, मुदा तैयो पिलातुस सँ माँग कयलक जे हुनका मारिए देल जानि।
29. हुनका विषय मे पहिने सँ लिखल सभ बात ओकरा सभ द्वारा पूरा भेलाक बाद ओ सभ हुनका क्रूस पर सँ उतारि कऽ कबर मे राखि देलकनि।
30. मुदा परमेश्‍वर हुनका मृत्‍यु सँ जिआ देलथिन।
31. और ओ बहुत दिन धरि ओहि लोक सभ केँ दर्शन दैत रहलाह जे लोक हुनका संग गलील सँ यरूशलेम आयल छलनि। यैह लोक सभ आब जनताक सामने हुनकर गवाह अछि।
32. “हम सभ ई खुशीक खबरि अहाँ सभ केँ सुनयबाक लेल आयल छी जे, जाहि बातक वचन परमेश्‍वर अपना सभक पूर्वज सभ केँ देने रहथि
33. से ओ यीशु केँ जिआ कऽ हुनका सभक सन्‍तानक लेल, अर्थात् अपना सभक लेल, पूरा कयलनि। जेना धर्मशास्‍त्रक ‘भजन-संग्रह’क दोसर भजन मे सेहो लिखल अछि, ‘अहाँ हमर पुत्र छी, आइ हम अहाँ केँ उत्‍पन्‍न कयलहुँ।’
34. और ई बात जे, परमेश्‍वर हुनका मृत्‍यु मे सँ जिआ देलथिन जाहि सँ ओ फेर कहियो नहि मरथि, ताहि बातक वचन ओ एहि शब्‍द मे देने रहथि, ‘पवित्र और अटल आशिषक वचन जे दाऊद केँ देल गेल, से हम तोरा सभ मे पूरा करबह।’
35. तहिना दोसर ठाम लिखल अछि, ‘अहाँ अपन पवित्र सेवक केँ नहि सड़ऽ देब।’
36. “दाऊद तँ अपन पीढ़ी मे परमेश्‍वरक उद्देश्‍य पूरा कयलनि आ मरलाह । ओ अपन पुरखा सभ लग कबर मे राखल गेलाह आ हुनकर शरीर सड़ि गेलनि।
37. मुदा जिनका परमेश्‍वर मृत्‍यु मे सँ जिआ देलथिन, से सड़लाह नहि।
38. तेँ प्रिय भाइ लोकनि, अहाँ सभ ई बात बुझि लिअ जे यीशुए द्वारा अहाँ सभ पापक क्षमा प्राप्‍त कऽ सकैत छी।
39. जे केओ हुनका पर विश्‍वास करैत अछि, से सभ धार्मिक ठहराओल जाइत अछि, और पाप सँ मुक्‍त भऽ जाइत अछि। ई बात मूसाक धर्म-नियम द्वारा नहि भऽ सकल छल।
40. एहि लेल सावधान होउ! एना नहि होअय जे परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता लोकनिक ई बात अहाँ सभक संग भऽ जाय—
41. ‘हे निन्‍दा कयनिहार लोक सभ! देखह, चकित होअह आ नष्‍ट भऽ जाह! कारण हम तोहर समय मे एहन काज कऽ रहल छी जे जँ केओ ओहि सम्‍बन्‍ध मे तोरा कहबो करतह तँ तोँ ओकर विश्‍वास नहि करबह।’ ”
42. जखन पौलुस और बरनबास सभाघर सँ बाहर भऽ रहल छलाह तँ लोक सभ हुनका सभ सँ विनती कयलक जे अगिलो विश्राम-दिन मे एहि बात सभक सम्‍बन्‍ध मे आरो सुनबथि।
43. सभा समाप्‍त भेला पर बहुतो यहूदी आ यहूदी धर्म मानऽ वला आन जातिक भक्‍त सभ पौलुस आ बरनबासक संग भऽ गेल। पौलुस आ बरनबास ओकरा सभ सँ बात-चीत कयलनि आ परमेश्‍वरक कृपा पर भरोसा रखने रहबाक लेल सिखौलथिन।
44. अगिला विश्राम-दिन प्रभुक वचन सुनबाक लेल करीब सौंसे नगरक लोक जुटि गेल।
45. भीड़ केँ देखि कऽ यहूदी सभ डाह सँ भरि गेल आ पौलुस केँ अपमानित करैत ओ जे बजैत छलाह तकर विरोध करऽ लागल।
46. तखन पौलुस और बरनबास निर्भय भऽ कऽ ओकरा सभ केँ उत्तर देलथिन जे, “परमेश्‍वरक वचन हमरा सभ केँ पहिने अहाँ सभ केँ सुनाबऽ पड़ल। मुदा अहाँ सभ ओकर अस्‍वीकार कऽ रहल छी आ अपना केँ अनन्‍त जीवनक लेल योग्‍य नहि बुझैत छी। तेँ हम सभ आब दोसर जाति सभ केँ परमेश्‍वरक वचन सुनाबऽ जाइत छी।
47. कारण एहि तरहेँ प्रभु हमरा सभ केँ ई कहि कऽ आज्ञा देने छथि, ‘हम तोरा आन जाति सभक लेल प्रकाश नियुक्‍त कयने छिअह, जे तोँ पृथ्‍वीक अन्‍तिम सीमा तक हमर उद्धार पहुँचाबह।’ ”
48. ई बात सुनि गैर-यहूदी जातिक लोक सभ बड्ड खुश भेल आ प्रभुक वचनक प्रशंसा करऽ लागल। और जे सभ अनन्‍त जीवनक लेल ठहराओल गेल छल, से सभ प्रभु पर विश्‍वास कयलक।
49. एहि तरहेँ प्रभुक वचन सम्‍पूर्ण क्षेत्र मे पसरि गेल।
50. मुदा यहूदी सभ परमेश्‍वर केँ मानऽ वला गैर-यहूदी जातिक स्‍त्रीगण सभ केँ जे सभ धनिक वर्गक छलि आ ओहि शहरक प्रतिष्‍ठित पुरुष सभ केँ चढ़ा-बढ़ा कऽ पौलुस आ बरनबासक विरोध मे उपद्रव करबाक लेल भड़का देलक और हुनका सभ केँ ओहि क्षेत्र सँ भगा देलकनि।
51. एहि पर पौलुस आ बरनबास ओकरा सभक विरोध मे चेन्‍ह स्‍वरूप पयरक गर्दा ओतहि झाड़ि लेलनि आ इकुनियुम नगर चल गेलाह।
52. एम्‍हर अन्‍ताकियाक शिष्‍य सभ बहुत आनन्‍दित आ पवित्र आत्‍मा सँ परिपूर्ण छलाह।