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यूहन्‍ना 6:22-51
22. प्रात भेने झीलक ओहि पार रहि गेल लोक सभ बुझलक जे एतऽ एकेटा नाव छल, और ओ सभ जनैत छल जे यीशु अपन शिष्‍य सभक संग ओहि नाव मे नहि चढ़ल छलाह, मात्र शिष्‍ये सभ विदा भऽ गेल छलाह।
23. तखन तिबिरियास नगर सँ दोसर नाव सभ ओहि जगह लग पहुँचल जाहिठाम प्रभु यीशुक धन्‍यवादक प्रार्थनाक बाद लोक सभ रोटी खयने छल।
24. तँ लोक जखन देखलक जे ने यीशु आ ने हुनकर शिष्‍य सभ एतऽ छथि, तखन ओ सभ नाव सभ मे चढ़ि कऽ यीशुक खोज मे कफरनहूम नगर गेल।
25. झीलक ओहि पार जखन यीशु ओकरा सभ केँ भेटलथिन तखन ओ सभ पुछलकनि, “गुरुजी, अहाँ एतऽ कखन अयलहुँ?”
26. यीशु ओकरा सभ केँ उत्तर देलथिन, “हम अहाँ सभ केँ सत्‍ये कहैत छी जे अहाँ सभ हमरा एहि लेल नहि तकैत छी जे हमर चमत्‍कार वला चिन्‍ह सभ देखि कऽ बुझलहुँ, बल्‍कि एहि लेल जे अहाँ सभ रोटी खा कऽ अघा गेलहुँ।
27. जे भोजन नहि टिकैत अछि, ताहि लेल परिश्रम नहि करू, बल्‍कि ओहि भोजनक लेल परिश्रम करू जे अनन्‍त जीवन तक टिकैत अछि और जे मनुष्‍य-पुत्र अहाँ सभ केँ प्रदान करताह, कारण हुनका पर पिता-परमेश्‍वर अपन छाप लगा देने छथिन।”
28. तखन ओ सभ हुनका पुछलकनि, “परमेश्‍वरक काज करबाक लेल, हम सभ की करू?”
29. यीशु बजलाह, “परमेश्‍वर अहाँ सभ सँ जे काज चाहैत छथि, से ई अछि जे जकरा ओ पठौने छथि तकरा पर विश्‍वास करू।”
30. एहि पर ओ सभ हुनका कहलकनि, “तखन अहाँ कोन चिन्‍ह देखायब, जकरा देखि कऽ हम सभ अहाँ पर विश्‍वास कऽ सकी? अहाँ की काज करैत छी?
31. हमरा सभक पुरखा निर्जन क्षेत्र मे मन्‍ना वला रोटी खयने छल, जेना धर्मशास्‍त्र मे लिखल अछि जे, ‘ओ ओकरा सभ केँ खयबाक लेल स्‍वर्ग सँ रोटी देलथिन।’ ”
32. एहि पर यीशु ओकरा सभ केँ कहलथिन, “हम अहाँ सभ केँ विश्‍वास दिअबैत छी जे, बात ई नहि जे अहाँ सभ केँ मूसा स्‍वर्ग सँ रोटी देलनि, बल्‍कि ई जे हमर पिता अहाँ सभ केँ स्‍वर्ग सँ वास्‍तविक रोटी दऽ रहल छथि।
33. हँ, परमेश्‍वर जे रोटी दैत छथि, से ओ अछि जे स्‍वर्ग सँ उतरि कऽ संसार केँ जीवन दैत अछि।”
34. ओ सभ हुनका कहलकनि, “यौ मालिक, हमरा सभ केँ ई रोटी एखनो आ सभ दिन दैत रहू!”
35. यीशु बजलाह, “जीवनक रोटी हमहीं छी। जे हमरा लग आओत से कहियो भूखल नहि रहत। जे हमरा पर विश्‍वास करत, तकरा कहियो पियास नहि लगतैक।
36. मुदा जेना अहाँ सभ केँ कहने छलहुँ, अहाँ सभ हमरा देखने छी और तैयो विश्‍वास नहि करैत छी।
37. जकरा पिता हमरा दैत छथि, से सभ हमरा लग आओत, और जे केओ हमरा लग आओत, तकरा हम कहियो नहि अस्‍वीकार करब।
38. कारण हम अपन इच्‍छा नहि, बल्‍कि हमरा पठाबऽ वलाक इच्‍छा पूरा करबाक लेल स्‍वर्ग सँ उतरल छी,
39. और हमरा पठाबऽ वलाक इच्‍छा ई छनि जे जकरा सभ केँ ओ हमरा देने छथि, तकरा सभ मे सँ हम एकोटा केँ नहि हेराबी, बल्‍कि अन्‍तिम दिन मे ओकरा सभ केँ जिआबी।
40. हँ, हमर पिताक इच्‍छा ई छनि जे, जे केओ पुत्र दिस ताकत और ओकरा पर विश्‍वास करत, तकरा अनन्‍त जीवन भेटतैक, और हम ओकरा अन्‍तिम दिन मे जिआ देब।”
41. एहि पर यहूदी सभ हुनका पर कुड़बुड़ाय लगलाह, कारण ओ कहने छलाह जे, स्‍वर्ग सँ उतरल रोटी हमहीं छी।
42. ओ सभ कहलनि, “ई तँ यूसुफक बेटा यीशुए अछि! और एकर माय-बाप केँ अपना सभ चिन्‍हिते छिऐक! तँ ई आब कोना कहैत अछि जे हम स्‍वर्ग सँ उतरल छी?”
43. यीशु हुनका सभ केँ उत्तर देलथिन, “अहाँ सभ अपना सभ मे एना नहि कुड़बुड़ाउ!
44. केओ हमरा लग ताबत तक नहि आबि सकैत अछि जाबत तक हमर पिता जे हमरा पठौलनि, से ओकरा हमरा लग नहि खीचि दैत छथि। और हम ओकरा अन्‍तिम दिन मे जिआ देब।
45. परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता सभक लेख छनि जे, ‘ओ सभ गोटे परमेश्‍वर द्वारा सिखाओल जायत।’ जे केओ पिताक सुनैत छनि और हुनका सँ सिखैत अछि, से हमरा लग अबैत अछि।
46. हमर कहबाक मतलब ई नहि जे, केओ पिता केँ देखने छनि। ओ जे पिताक ओहिठाम सँ आयल अछि, खाली वैहटा हुनका देखने छनि।
47. हम अहाँ सभ केँ सत्‍ये कहैत छी जे, जे विश्‍वास करैत अछि, तकरा अनन्‍त जीवन छैक।
48. जीवनक रोटी हम छी।
49. अहाँ सभक पुरखा लोकनि निर्जन क्षेत्र मे मन्‍ना वला रोटी खयलनि, और तैयो मरलाह।
50. मुदा ई रोटी जकरा बारे मे हम बाजि रहल छी, से ओ अछि जे स्‍वर्ग सँ उतरल अछि, जाहि सँ जँ केओ एहि मे सँ खायत तँ नहि मरत।
51. ओ जीबैत रोटी जे स्‍वर्ग सँ उतरल अछि से हमहीं छी। जँ केओ ई रोटी खायत तँ ओ अनन्‍त काल तक जीबैत रहत। और ई रोटी जे हम संसारक जीवनक लेल देब, से हमर माँसु अछि।”