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एक साल में बाइबल
अप्रैल 11

लूका 10:25-42
25. एक बेर धर्म-नियमक एक पंडित उठि कऽ यीशु केँ जँचबाक लेल पुछलथिन, “गुरुजी, अनन्‍त जीवन प्राप्‍त करबाक लेल हम की करू?”
26. यीशु उत्तर देलथिन, “धर्म-नियम मे की लिखल अछि? ओहि मे की पढ़ैत छी?”
27. ओ कहलथिन, “ ‘तोँ अपन प्रभु-परमेश्‍वर केँ अपन सम्‍पूर्ण मोन सँ, अपन सम्‍पूर्ण आत्‍मा सँ, अपन सम्‍पूर्ण शक्‍ति सँ और अपन सम्‍पूर्ण बुद्धि सँ प्रेम करह,’ और ‘तोँ अपना पड़ोसी केँ अपने जकाँ प्रेम करह।’ ”
28. यीशु कहलथिन, “अहाँ ठीक कहलहुँ। एना करू तँ जीवन पायब।”
29. मुदा ओ अपना केँ ठीक ठहरयबाक उद्देश्‍य सँ यीशु सँ पुछलथिन, “तँ हमर पड़ोसी के अछि?”
30. यीशु उत्तर देलथिन, “एक आदमी यरूशलेम सँ यरीहो नगर जा रहल छल कि डाकू सभ आबि कऽ ओकरा घेरि लेलकैक। ओकरा नाङट कऽ कऽ आ मारैत-मारैत अधमरू बना कऽ छोड़ि देलकैक।
31. संयोग सँ एक पुरोहित ओहि रस्‍ता सँ जा रहल छलाह। ओ जखन ओहि आदमी केँ देखलनि तँ रस्‍ता काटि कऽ आगाँ बढ़ि गेलाह।
32. तहिना मन्‍दिरक एक सेवक जखन ओहि स्‍थान पर अयलाह आ ओकरा देखलनि तँ ओहो रस्‍ता काटि कऽ आगाँ बढ़ि गेलाह।
33. मुदा सामरी जातिक एक आदमी जे ओहि दने जाइत रहय से ओकरा देखि कऽ दया सँ भरि गेल।
34. ओ ओकरा लग जा कऽ ओकर घाव सभ पर तेल और दारू लगा कऽ पट्टी बान्‍हि देलकैक। तखन ओकरा अपना गदहा पर बैसा कऽ एकटा सराय मे लऽ गेल और ओहिठाम ओकर सेवा कयलकैक।
35. प्रात भेने ओ दू चानीक रुपैया निकालि कऽ सरायक मालिक केँ दऽ कऽ कहलकनि, ‘हिनकर देखभाल करिऔन। एहि सँ बेसी जे खर्च पड़त से हम घुमती काल मे अहाँ केँ दऽ देब।’
36. आब अहाँक विचार सँ, एहि तीनू मे सँ डाकू सभक हाथ मे पड़ल आदमीक पड़ोसी अपना केँ के बुझलक?”
37. धर्म-नियमक पंडित उत्तर देलथिन, “जे ओकरा पर दया कयलकैक, से।” यीशु कहलथिन, “अहूँ जा कऽ एहिना करू।”
38. यीशु और हुनकर शिष्‍य सभ आगाँ बढ़ि कऽ एक गाम मे अयलाह जतऽ मार्था नामक एक स्‍त्री अपना ओहिठाम हुनकर अतिथि-सत्‍कार कयलथिन।
39. ओहि स्‍त्री केँ मरियम नामक एकटा बहिन छलनि। ओ यीशुक पयर लग बैसि हुनकर बात सुनि रहल छलीह।
40. मुदा मार्था सेवा-सत्‍कारक भार सँ चिन्‍तित छलीह। ओ यीशु लग आबि कऽ कहलथिन, “प्रभु, अहाँ केँ कनेको चिन्‍ता नहि अछि जे हमर बहिन सभटा काज करऽ लेल हमरा असगरे छोड़ि देने अछि? ओकरा हमर मदति करबाक लेल कहिऔक!”
41. प्रभु उत्तर देलथिन, “मार्था, अए मार्था! अहाँ बहुत बातक लेल चिन्‍तित छी,
42. मुदा बात एकेटा जरूरी अछि। मरियम वैह नीक बात चुनि लेने अछि और ओकरा सँ ओ नहि छिनल जयतैक।”