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एक साल में बाइबल
मार्च 5

मरकुस 9:1-29
1. यीशु इहो कहलथिन, “हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी जे एतऽ किछु एहनो लोक सभ ठाढ़ अछि जे जाबत तक परमेश्‍वरक राज्‍य शक्‍तिक संग अबैत नहि देखि लेत ताबत तक नहि मरत।”
2. छओ दिनक बाद यीशु अपना संग पत्रुस, याकूब और यूहन्‍ना केँ लेलनि और एक ऊँच पहाड़ पर एकान्‍त मे गेलाह। हुनका सभक सामने मे यीशुक रूप बदलि गेलनि।
3. हुनकर वस्‍त्र एकदम उज्‍जर भऽ कऽ चमकऽ लगलनि। हुनकर वस्‍त्र एतेक उज्‍जर भऽ गेलनि जे पृथ्‍वीक कोनो धोबिओ ओतेक उज्‍जर नहि कऽ सकैत।
4. तखन शिष्‍य सभक समक्ष मे एलियाह और मूसा प्रगट भेलाह जे यीशु सँ बात करैत छलाह।
5. ई देखि पत्रुस बाजऽ लगलाह जे, “यौ गुरुजी! हमरा सभक लेल ई कतेक नीक बात अछि जे हम सभ एतऽ छी। हम सभ तीनटा मण्‍डप बनायब, एकटा अहाँक लेल, एकटा मूसाक लेल और एकटा एलियाहक लेल।”
6. पत्रुस केँ बुझऽ मे एकदम नहि अयलनि जे हम की बाजू, की नहि बाजू, किएक तँ ओ सभ केओ अति भयभीत भऽ गेल छलाह।
7. तखन एकटा मेघ आबि कऽ हुनका सभ केँ झाँपि देलकनि और मेघ मे सँ आवाज आयल जे, “ई हमर प्रिय पुत्र छथि—हिनका बात पर ध्‍यान दिअ!”
8. एकाएक शिष्‍य सभ चारू कात ताकऽ लगलाह तँ ओ सभ अपना संग यीशु केँ छोड़ि आरो किनको नहि देखलनि।
9. पहाड़ पर सँ उतरैत काल यीशु हुनका सभ केँ आदेश देलथिन जे, “जाबत तक मनुष्‍य-पुत्र मृत्‍यु सँ फेर जीबि कऽ नहि उठत ताबत तक जे बात अहाँ सभ देखलहुँ से ककरो नहि कहिऔक।”
10. ई आदेश ओ सभ मानलनि मुदा आपस मे गप्‍प करैत छलाह जे “मनुष्‍य-पुत्र मृत्‍यु सँ फेर जीबि कऽ उठत”, एहि बातक अर्थ की छलनि।
11. तखन ओ सभ यीशु सँ पुछलथिन जे, “धर्मशिक्षक लोकनि किएक कहैत छथि जे पहिने एलियाह केँ अयनाइ आवश्‍यक अछि?”
12. यीशु उत्तर देलथिन जे, “ई बात एकदम ठीक अछि—पहिने एलियाह अबैत छथि आ सभ चीजक सुधार करैत छथि। लेकिन मनुष्‍य-पुत्रक बारे मे ई किएक लिखल गेल अछि जे हुनका बहुत दुःख उठाबऽ पड़तनि और तुच्‍छ बुझल जयताह?
13. हम अहाँ सभ केँ कहैत छी जे एलियाह आबिओ गेलाह आ जहिना हुनका बारे मे धर्मशास्‍त्र मे लिखल अछि तहिना लोक सभ केँ जे मोन भेलैक, से हुनका संग कयलकनि।”
14. ओ सभ जखन आरो शिष्‍य सभ लग पहुँचलाह तखन देखलनि जे हुनका सभक चारू कात बड़का भीड़ अछि और हुनका सभ सँ धर्मशिक्षक सभ वाद-विवाद कऽ रहल छनि।
15. यीशु केँ देखिते सभ लोक चकित भऽ कऽ हुनका लग दौड़ल और प्रणाम करऽ लगलनि।
16. ओ हुनका सभ सँ पुछलथिन जे, “हुनका सभ सँ की वाद-विवाद कऽ रहल छी?”
17. भीड़ मे सँ एक आदमी हुनका जबाब देलकनि जे, “गुरुजी, हम अपने लग अपना बेटा केँ अनने छी जकरा मे एक दुष्‍टात्‍मा पैसि गेल छैक जे एकरा बौक बना देने छैक।
18. जखने ओ एकरा लागि जाइत छैक तँ एकरा तोड़ि-मड़ोड़ि कऽ खसा दैत छैक, और मुँह सँ गाउज बहराय लगैत छैक। दाँत पिसऽ लगैत अछि और देह टाँट भऽ जाइत छैक। एहि दुष्‍टात्‍मा केँ निकालबाक लेल हम अपनेक शिष्‍य सभ सँ विनती कयलहुँ लेकिन ओ सभ नहि निकालि सकलाह।”
19. यीशु ओकरा सभ केँ उत्तर देलथिन जे, “हे अविश्‍वासी पीढ़ीक लोक सभ! हम तोरा सभक संग कहिया तक रहिअह? कहिया तक तोरा सभ केँ सहैत रहिअह?—लड़का केँ आनह हमरा लग।”
20. लोक सभ ओहि नेना केँ यीशु लग अनलकनि। दुष्‍टात्‍मा यीशु केँ देखिते नेना केँ ममोड़ि देलकैक। लड़का नीचाँ खसि पड़लैक। ओकरा मुँह सँ गाउज निकलऽ लगलैक और ओ ओँघराय लागल।
21. यीशु ओकरा बाबू सँ पुछलथिन जे, “एकरा ई दशा कहिया सँ छैक?” ओ उत्तर देलकनि जे, “बचपने सँ।
22. एकरा नष्‍ट करबाक लेल दुष्‍टात्‍मा कतेक बेर आगि और पानि मे खसौने अछि। मुदा अपने जँ किछु कऽ सकैत छी तँ हमरा सभ पर दया कऽ सहायता करू।”
23. यीशु ओकरा कहलथिन, “कोना कहैत छह जे, ‘अपने जँ कऽ सकैत छी तँ...’? विश्‍वास करऽ वलाक लेल सभ किछु सम्‍भव छैक!”
24. एहि पर लड़काक बाबू तुरत जोर सँ बाजल जे, “हम विश्‍वास करैत छी, हमर अविश्‍वास केँ दूर कऽ दिअ।”
25. जखन यीशु देखलनि जे भीड़ हमरा सभ केँ आब दबा देत तँ ओ दुष्‍टात्‍मा केँ डाँटि कऽ कहलथिन, “है बौक और बहीर वला आत्‍मा! हम तोरा आज्ञा दैत छिऔ जे एकरा मे सँ निकलि जो और एकरा मे फेर कहियो प्रवेश नहि कर!”
26. दुष्‍टात्‍मा चिचियाइत और लड़का केँ बहुत जोर सँ मड़ोड़ि कऽ ओकरा मे सँ निकलि गेल। लड़का मुरदा जकाँ भऽ गेल। से देखि बहुत लोक कहऽ लागल जे ओ मरि गेल अछि।
27. मुदा यीशु ओकरा हाथ पकड़ि कऽ उठौलथिन और ओ ठाढ़ भऽ गेल।
28. जखन यीशु घर मे असगरे छलाह तखन शिष्‍य सभ हुनका सँ पुछलथिन जे, “हम सभ ओहि दुष्‍टात्‍मा केँ किएक नहि निकालि सकलहुँ?”
29. ओ उत्तर देलनि जे, “एहि प्रकारक दुष्‍टात्‍मा प्रार्थना केँ छोड़ि आरो कोनो दोसर उपाय सँ नहि निकालल जा सकैत अछि।”