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एक साल में बाइबल
मार्च 4

मरकुस 8:22-38
22. ओ सभ बेतसैदा नगर अयलाह। लोक सभ यीशु लग एकटा आन्‍हर आदमी केँ आनि कऽ हुनका सँ विनती कयलकनि जे, एकरा छुबि दिऔक।
23. यीशु ओहि आन्‍हर आदमी केँ हाथ पकड़ि कऽ नगर सँ बाहर लऽ गेलथिन। ओकरा आँखि पर थूक लगा देलथिन, और ओकरा पर हाथ राखि कऽ पुछलथिन जे, “की, किछु देखि रहल छह?”
24. ओ आँखि उठा कऽ जबाब देलकनि जे, “हँ! मनुष्‍य सभ केँ देखैत छी—गाछ जकाँ लगैत छैक लेकिन चलि रहल अछि।”
25. तखन यीशु ओकरा आँखि पर फेर हाथ रखलथिन। ओकरा आँखि मे तुरत पूरा इजोत आबि गेलैक और ओ सभ किछु साफ-साफ देखऽ लागल।
26. यीशु ओकरा अपन घर पठा देलथिन और ई आदेश देलथिन जे, “शहर मे नहि जाह।”
27. यीशु और हुनकर शिष्‍य सभ कैसरिया-फिलिप्‍पीक लग-पासक गाम सभ मे गेलाह। चलिते-चलिते यीशु हुनका सभ सँ पुछलनि जे, “हम के छी, ताहि सम्‍बन्‍ध मे लोक की कहि रहल अछि?”
28. ओ सभ हुनका जबाब देलथिन जे, “केओ-केओ कहैत अछि जे अहाँ बपतिस्‍मा देनिहार यूहन्‍ना छी। केओ कहैत अछि जे एलियाह छी, और किछु लोक कहैत अछि जे परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता सभ मे सँ एक छी।”
29. तखन यीशु हुनका सभ केँ पुछलनि जे, “और अहाँ सभ? अहाँ सभ की कहैत छी जे हम के छी?” पत्रुस उत्तर देलथिन जे, “अहाँ उद्धारकर्ता-मसीह छी।”
30. यीशु हुनका सभ केँ दृढ़तापूर्बक आदेश देलथिन जे हमरा बारे मे ई बात ककरो नहि कहिऔक।
31. तखन यीशु अपना शिष्‍य सभ केँ सिखाबऽ लगलथिन जे, “मनुष्‍य-पुत्र केँ बहुत दुःख भोगऽ पड़तैक। ई आवश्‍यक अछि जे बूढ़-प्रतिष्‍ठित, मुख्‍यपुरोहित और धर्मशिक्षक सभ द्वारा तुच्‍छ ठहराओल जाय, जान सँ मारल जाय, आ तीन दिनक बाद ओ फेर जीबि उठय।”
32. ई बात एकदम स्‍पष्‍ट कहलथिन। एहि पर पत्रुस हुनका कात मे लऽ जा कऽ डाँटऽ लगलनि।
33. मुदा यीशु शिष्‍य सभक दिस घूमि कऽ पत्रुस केँ डाँटि कऽ कहलथिन, “है शैतान! तोँ हमरा सोझाँ सँ दूर होअह! तोँ परमेश्‍वरक विचार नहि, बल्‍कि मनुष्‍यक विचार मोन मे रखैत छह।”
34. तखन यीशु लोक सभ केँ और शिष्‍य सभ केँ अपना लग बजौलनि और कहलथिन, “जँ केओ हमर शिष्‍य बनऽ चाहैत अछि तँ ओ अपना केँ त्‍यागि, हमरा कारणेँ दुःख उठयबाक आ प्राणो देबाक लेल तैयार रहओ, और हमरा पाछाँ चलओ।
35. कारण, जे केओ अपन जीवन बचाबऽ चाहैत अछि से ओकरा गमाओत। मुदा जे केओ हमरा लेल और शुभ समाचारक लेल अपन जीवन गमबैत अछि से ओकरा बचाओत।
36. जँ कोनो मनुष्‍य सम्‍पूर्ण संसार केँ पाबि लय और अपन आत्‍मा गमा लय तँ ओहि सँ ओकरा की लाभ भेलैक?
37. अथवा मनुष्‍य अपन आत्‍माक बदला मे की दऽ सकत?
38. जँ केओ एहि पापी और विश्‍वासघाती युग मे हमरा और हमर शिक्षा सँ लजाइत अछि तँ ओकरो सँ मनुष्‍य-पुत्र लजायत जखन पिताक महिमा मे स्‍वर्गदूत सभक संग आओत।”