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एक साल में बाइबल
फरवरी 26

मरकुस 5:21-43
21. यीशु नाव मे झीलक एहि पार अयलाह। हुनकर चारू कात बड़का भीड़ जमा भऽ गेल। जखन यीशु झीलक कात मे ठाढ़ छलाह,
22. ओही समय मे सभाघरक याइरस नामक एक अधिकारी ओहिठाम अयलाह। यीशु केँ देखि कऽ हुनकर पयर पर खसैत
23. निवेदन कयलथिन जे, “हमर बेटी मरि रहल अछि। हमरा घर चलि कऽ ओकरा पर हाथ राखि कऽ ठीक कऽ देल जाओ, जाहि सँ ओ जीबय।” यीशु हुनका संग विदा भऽ गेलाह।
24. हुनका संग बड़का भीड़ चलल। चारू कात सँ लोक सभ यीशु केँ पिचऽ लगलनि।
25. भीड़ मे एक स्‍त्री छलि जकरा बारह वर्ष सँ खून खसऽ वला बिमारी छलैक।
26. ओ बहुतो वैद्य सँ इलाज कराबऽ मे बड्ड कष्‍ट सहल छलि और अपन सभ सम्‍पत्ति खर्च कऽ देने छलि। मुदा तैयो ओकरा कनेको गुण नहि कयलकैक। बल्‍कि ओकर अवस्‍था आओर अधलाहे होइत गेलैक।
27. यीशुक बारे मे ओ सुनने छलि। ओ हुनका पाछू आबि, हुनकर वस्‍त्रक कोर छुबि
28. मोन मे सोचलक जे, “जँ हम हुनकर वस्‍त्रो केँ छुबि लेब तँ हम ठीक भऽ जायब।”
29. हुनकर वस्‍त्र छुबिते ओकर खून बहनाइ बन्‍द भऽ गेलैक। ओकरा अपनो अनुभव भेलैक जे हम रोग सँ मुक्‍त भऽ गेल छी।
30. यीशु केँ सेहो तुरत अनुभव भेलनि जे हमरा मे सँ सामर्थ्‍य निकलि गेल अछि। ओ भीड़ दिस घूमि कऽ पुछलथिन जे, “हमरा वस्‍त्र केँ के छुलक?”
31. हुनकर शिष्‍य सभ हुनका कहलकनि जे, “अहाँ देखिते छी जे कतेक लोक अहाँ केँ दबा रहल अछि, तँ कोना पुछैत छी जे हमरा के छुलक?”
32. मुदा यीशु ई बुझबाक लेल जे ई के कयलक, चारू दिस अपन नजरि खिरौलनि।
33. तखन ओ स्‍त्री ई बुझि जे हमरा संग की भेल, डर सँ कँपैत आगू आयल आ यीशुक पयर पर खसैत हुनका सभ बात सत्‍य-सत्‍य कहि देलकनि।
34. यीशु ओकरा कहलथिन, “बेटी! तोहर विश्‍वास तोरा स्‍वस्‍थ कऽ देलकह। शान्‍तिपूर्बक जाह और अपन रोग सँ मुक्‍त रहह!”
35. यीशु ई बात कहिए रहल छलथिन कि अधिकारी याइरसक घर सँ किछु गोटे आबि कऽ याइरस केँ कहलकनि जे, “अहाँक बेटी मरि गेल। आब गुरुजी केँ आरो कष्‍ट देला सँ कोन लाभ?”
36. यीशु ई बात सुनि लेलथिन और सभाघरक अधिकारी केँ कहलथिन, “अहाँ डेराउ नहि! मात्र विश्‍वास राखू!”
37. ओ अपना संग पत्रुस, याकूब और याकूबक भाय यूहन्‍ना केँ छोड़ि आरो ककरो नहि आबऽ देलथिन।
38. सभाघरक अधिकारीक घर पहुँचि कऽ ओ लोक सभ केँ बहुत कनैत आ जोर सँ विलाप करैत देखलनि।
39. घर मे अबिते यीशु ओकरा सभ केँ कहलथिन, “अहाँ सभ हल्‍ला किएक करैत छी और कनैत किएक छी? बच्‍ची मरल नहि अछि—ओ सुतल अछि।” मुदा लोक सभ हुनका पर हँसऽ लागल।
40. तखन यीशु सभ लोक केँ बाहर हटा कऽ बच्‍चीक माय-बाबू केँ और अपन शिष्‍य सभ केँ अपना संग लऽ कऽ ओहि घर मे गेलाह जाहिठाम ओ बच्‍ची छल।
41. यीशु ओकर हाथ पकड़ि ओकरा कहलथिन, “तलीथा कूम!” जकर अर्थ अछि, “हे बच्‍ची! हम तोरा कहैत छिऔक, तोँ उठ!”
42. बच्‍ची तुरत उठि गेल और बुलऽ लागल—ओ तँ बारह वर्षक छल। ओ सभ बहुत आश्‍चर्य-चकित भेलाह।
43. यीशु एहि घटना केँ केओ नहि बुझय ताहि लेल दृढ़तापूर्बक आदेश देलथिन, आ कहलथिन जे बच्‍ची केँ किछु खयबाक लेल देल जाय।