نیا عہد نامہ
Urdu Bible 2017
← ۲۸

متّی ۱

۲ →
۱

ईसा' मसीह इब्न- ए दाऊद इब्न- ए इब्राहीम का नसबनामा।

۲

इब्राहीम से इज़्हाक़ पैदा हुआ, और इज़्हाक़ से याक़ूब पैदा हुआ, और या'क़ूब से यहूदा और उस के भाई पैदा हुए;

۳

और यहूदा से फ़ारस और ज़ारह तमर से पैदा हुए, और फ़ारस से हसरोंन पैदा हुआ, और हसरोन से राम पैदा हुआ;

۴

और राम से अम्मीनदाब पैदा हुआ, और अम्मीनदाब से नह्सोन पैदा हुआ, और नह्सोन से सलमोन पैदा हुआ;

۵

और सलमोन से बो'अज़ राहब से पैदा हुआ, और बो'अज़ से ओबेद रूत से पैदा हुआ, और ओबेद से यस्सी पैदा हुआ;

۶

और यस्सी से दाऊद बादशाह पैदा हुआ| और दाऊद से सुलैमान उस औरत से पैदा हुआ जो पहले ऊरिय्याह की बीवी थी;

۷

और सुलैमान से रहुब'आम पैदा हुआ, और रहुब'आम से अबियाह पैदा हुआ, और अबियाह से आसा पैदा हुआ;

۸

और आसा से यहूसफ़त पैदा हुआ,और यहूसफ़त से यूराम पैदा हुआ, और यूराम से उज़्ज़ियाह पैदा हुआ;

۹

उज़्ज़ियाह से यूताम पैदा हुआ,और यूताम से आख़ज़ पैदा हुआ, और आख़ज़ से हिज़क़ियाह पैदा हुआ;

۱۰

और हिज़क़ियाह से मनस्सी पैदा हुआ, और मनस्सी से अमून पैदा हुआ, और अमून से यूसियाह पैदा हुआ;

۱۱

और गिरफ़्तार होकर बाबुल जाने के ज़माने में यूसियाह से यकुनियाह और उस के भाई पैदा हुए;

۱۲

और गिरफ़्तार होकर बाबुल जाने के बा'द यकूनियाह से सियाल्तीएल पैदा हुआ, और सियाल्तीएल से ज़रुब्बाबुल पैदा हुआ।

۱۳

और ज़रुब्बाबुल से अबीहूद पैदा हुआ, और अबिहूद से इलियाक़ीम पैदा हुआ, और इलियाक़ीम से आज़ोर पैदा हुआ;

۱۴

और आज़ोर से सदोक़ पैदा हुआ, और सदोक़ से अख़ीम पैदा हुआ, और अख़ीम से इलीहूद पैदा हुआ;

۱۵

और इलीहूद से इलीअज़र पैदा हुआ, और अलीअज़र से मत्तान पैदा हुआ, और मत्तान से याक़ूब पैदा हुआ;

۱۶

और याक़ूब से यूसुफ़ पैदा हुआ,ये उस मरियम का शौहर था जिस से ईसा' पैदा हुआ, जो मसीह कहलाता है|

۱۷

पस सब पुश्तें इब्राहीम से दाऊद तक चौदह पुश्तें हुईं, और दाऊद से लेकर गिरफ़्तार होकर बाबुल जाने तक चौदह पुश्तें, और गिरफ़्तार होकर बाबुल जाने से लेकर मसीह तक चौदह पुश्तें हुईं।

۱۸

अब ईसा' मसीह की पैदाइश इस तरह हुई कि जब उस की माँ मरियम की मंगनी यूसुफ़ के साथ हो गई: तो उन के एक साथ होने से पहले वो रूह-उल क़ुद्स की क़ुदरत से हामिला पाई गई।

۱۹

पस उस के शौहर यूसुफ़ ने जो रास्तबाज़ था, और उसे बदनाम नहीं करना चाहता था। उसे चुपके से छोड़ देने का इरादा किया।

۲۰

“ वो ये बातें सोच ही रहा था, कि ख़ुदावन्द के फ़रिश्ते ने उसे ख़्वाब में दिखाई देकर कहा,“”ऐ यूसुफ़”” इब्न -ए दाऊद अपनी बीवी मरियम को अपने यहाँ ले आने से न डर; क्यूँकि जो उस के पेट में है, वो रूह- उल -कुद्दूस की क़ुदरत से है।”

۲۱

उस के बेटा होगा और तू उस का नाम ईसा' रखना, क्योंकि वह अपने लोगों को उन के गुनाहों से नजात देगा।’

۲۲

यह सब कुछ इस लिए हुआ कि जो ख़ुदावन्द ने नबी के जरिये कहा था, वो पूरा हो कि |

۲۳

“ “देखो एक कुंवारी हामिला होगी। और बेटा जनेंगी और उस का नाम इम्मानुएल रखेंगेा”” जिसका मतलब है- खुदा हमारे साथ।”

۲۴

पस यूसुफ़ ने नींद से जाग कर वैसा ही किया जैसा ख़ुदावन्द के फ़रिश्ते ने उसे हुक्म दिया था, और अपनी बीवी को अपने यहाँ ले गया।

۲۵

और उस को न जाना जब तक उस के बेटा न हुआ और उस का नाम ईसा' रख्खा ।

Urdu Bible 2017
Copyright © 2017 Bridge Connectivity Solutions