بائبل ایک سال میں
مارچ ۲۴


مرقس ۷:۱-۱۳
۱. फिर फ़रीसी और कुछ आलिम उसके पास जमा हुए, वो यरूशलीम से आए थे।
۲. और उन्होंने देखा कि उसके कुछ शागिर्द नापाक या'नी बिना धोए हाथो से खाना खाते हैं
۳. क्यूकि फ़रीसी और सब यहूदी बुज़ुर्गों की रिवायत के मुताबिक़ जब तक अपने हाथ ख़ूब न धोलें नहीं खाते।
۴. और बाज़ार से आकर जब तक ग़ुस्ल न कर लें नहीं खाते, और बहुत सी और बातों के जो उनको पहुँची हैं पाबन्द हैं, जैसे प्यालों और लोटों और ताँबे के बर्तनों को धोना।
۵. पस फ़रीसियों और आलिमों ने उस से पूछा, “क्या वजह है कि तेरे शागिर्द बुज़ुर्गों की रिवायत पर नहीं चलते बल्कि नापाक हाथों से खाना खाते हैं?”
۶. उसने उनसे कहा “यसाया ने तुम रियाकारों के हक़ में क्या ख़ूब नबुव्वत की; जैसे लिखा है कि ये लोग होंटों से तो मेरी ता'ज़ीम करते हैं लेकिन इनके दिल मुझ से दूर है।
۷. ये बे फ़ाइदा मेरी इबादत करते हैं क्यूँकि इनसानी अहकाम की ता'लीम देते हैं ।’
۸. तुम ख़ुदा के हुक्म को छोड़ करके आदमियों की रिवायत को क़ायम रखते हो।
۹. उसने उनसे कहा, “तुम अपनी रिवायत को मानने के लिए ख़ुदा के हुक्म को बिल्कुल रद्द कर देते हो।”
۱۰. क्यूँकि मूसा ने फ़रमाया है, ‘अपने बाप की अपनी माँ की इज़्ज़त कर, और जो कोई बाप या माँ को बुरा कहे‘वो ज़रूर जान से मारा जाए।’
۱۱. लेकिन तुम कहते हो‘अगर कोई बाप या माँ से कहे जिसका तुझे मुझ से फ़ाइदा पहुँच सकता था’वो कुर्बान या'नी ख़ुदा की नज़्र हो चुकी।
۱۲. तो तुम उसे फिर बाप या माँ की कुछ मदद करने नहीं देते।
۱۳. यूँ तुम ख़ुदा के कलाम को अपनी रिवायत से जो तुम ने जारी की है बेकार कर देते हो और ऐसे बहुतेरे काम करते हो।”